अब जबकि इन क्षेत्रों में मानवीय गतिविधियां बढ़ी हैं और नदियों पर हाइड्रोपावर प्रोजेक्ट, सड़कों के निर्माण के साथ ही इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े तमाम निर्माण कार्य हो रहे हैं तो प्राकृतिक आपदाओं में होने वाली जनहानि और आर्थिक नुकसान के चलते आपदाओं के बारे में ज्यादा जानकारियां सामने आ रही हैं।
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डॉ. एसके राय का कहना कि सिर्फ उच्च हिमालयी क्षेत्रों में ही नहीं, वरन दुनिया के तमाम देशों में स्थित उच्च पर्वतीय क्षेत्रों में इस तरह की प्राकृतिक आपदाएं आती रहती हैं। फिलहाल चमोली आपदा के बाद तमाम पहलुओं पर वैज्ञानिकों की टीमें अध्ययन कर रही हैं।
राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) की ओर से वैज्ञानिकों की दो टीमों का गठन किया गया है, जो चमोली आपदा के कारणों का पता लगाने के साथ ही भविष्य में ऐसी आपदाओं से होने वाली तबाही को कम करने को लेकर सुझाव देंगी।