कई जातियों के लोग दावा करते हैं कि वही असली आर्यों के वंशज हैं। डॉ. हर्षवर्धन के मुताबिक लेह लद्दाख के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में दोरपा इलाके में रहने वाले ग्रामीणों का दावा है कि वही असली आर्य हैं।
उनके इस दावे की जांच पड़ताल के लिए संस्थान के वैज्ञानिकों की टीम ने दोरपा के कई इलाकों से दर्जनों लोगों के खून के नमूने लिए हैं। जिसकी जांच की जा रही है। डीएनए टेस्ट के जरिये आर्य और उनके पूर्वजों के बारे में जानकारियां जुटाई जाएंगी।
इतिहासकारों का एक वर्ग ऐसा भी है। जिसका मानना है कि आर्य आधुनिक रूस में ब्लैक सी के पास काकेशस की पहाड़ियों में रहते थे। आर्य खैबर दर्रे से होते हुए सिंधु घाटी तक पहुंचे थे।