मजबूरी में विवि ने एक आदेश जारी किया, जिसमें कहा गया कि सात जनवरी तक सभी छात्र अपने दस्तावेज लेकर विवि के हल्द्वानी परिसर पहुंचे। उत्तरकाशी, चमोली, देहरादून, हरिद्वार के छात्रों के लिए यह काफी महंगी यात्रा है क्योंकि इसके लिए उन्हें करीब पांच से सात हजार खर्च करने पड़ते और छात्रवृत्ति दो से पांच हजार रुपये मिलती। लिहाजा, करीब चार हजार छात्र सत्यापन को नहीं पहुंचे। इन सभी के छात्रवृत्ति के आवेदन निरस्त हो गए हैं।
हमें नैनीताल डीपीओ का आदेश मिला था, जिसके जवाब में हमने कहा था कि प्रदेश के हर जिले में छात्रों का सत्यापन किया जाना चाहिए। जब विभाग ने नहीं सुनी तो हमने आदेश जारी किया था, जिस वजह से बड़ी संख्या में छात्र सत्यापन को नहीं आ पाए।
-डॉ. मदन मोहन जोशी, इंचार्ज एडमिशन, उत्तराखंड मुक्त विवि