तत्कालीन कमांडेंट महेंद्र प्रताप इस वक्त 29वीं बटालियन आईटीबीपी जबलपुर, मध्य प्रदेश में तैनात हैं और वह मुरादाबाद के ठाकुरद्वारा के रहने वाले हैं। तत्कालीन डिप्टी कमांडेंट दीपक गोगोई 50वीं बटालियन पंचकूला, हरियाणा में तैनात हैं और असम के रहने वाले हैं। जबकि, मुकेश चंद्र मीणा वर्तमान में मल्टिपर्पज सब डिपो आईटीबीपी गुवाहाटी में तैनात हैं और राजस्थान के करौली के निवासी हैं। उधर, दूसरा मुकदमा 2020 से 2021 के बीच मिर्थी में कमांडेंट रहे अनुप्रीत टी बोरकर, डिप्टी कामांडेंट दीपक गोगोई, डिप्टी कमांडेंट पूरन राम, डिप्टी कमांडेंट मुकेश चंद मीणा और इंस्पेक्टर अनिल कुमार पांडेय के खिलाफ हुआ है।
आरोप है कि इन्होंने ठेकेदार मदन सिंह राणा के साथ मिलकर विभिन्न सामग्री की ढुलाई में हेराफेरी कर 1.54 करोड़ रुपये का घोटाला किया है। इन्होंने बॉर्डर पोस्ट पर मोर्चा निर्माण, जनरेटर सेट की ढुलाई और अन्य सामान को गलत माध्यम से ढुलाई दर्शाकर यह हेराफेरी की है। ये दोनों मुकदमे वर्तमान में मिर्थी बटालियन के कमांडेंट परमेंद्र सिंह की शिकायत पर हुए हैं।