प्रदेश में 2019 में पर्यटन को उद्योग दर्जा देकर पर्यटन नीति लागू की थी। जिसमें पर्यटन उद्योगों को भी एमएसएमई, मेगा इंडस्ट्रियल नीति के तहत प्रोत्साहन की व्यवस्था की गई थी। विनिर्माण उद्योग की तर्ज पर ही पर्यटन उद्योगों को 10 से 200 करोड़ का निवेश करने पर पर्वतीय क्षेत्रों में 10 प्रतिशत या अधिकतम 1.5 करोड़, मैदानी क्षेत्रों में 10 प्रतिशत या अधिकतम एक करोड़ की छूट, बिजली बिलों में एक रुपये प्रति यूनिट की प्रतिपूर्ति और विद्युत ड्यूटी में पांच साल की छूट दी जाती है।
उत्तराखंड में पर्यटन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए सरकार जल्द ही नई नीति लागू करेगी। इसके लिए विभाग की ओर से नई पर्यटन नीति का ड्राफ्ट तैयार किया जा रहा है। इस नीति में निवेशकों को सरकार एमएसएमई से अधिक निवेश प्रोत्साहन राशि देगी। इससे आने वाले समय में प्रदेश में शीतकालीन पर्यटन गतिविधियों को भी बढ़ावा मिलेगा।
- सतपाल महाराज, पर्यटन मंत्री