वन्यजीव विज्ञानियों के अनुसार उत्तराखंड में भालुओं की तीन प्रजातियां पाई जाती हैं। उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जहां सफेद भालू पाए जाते हैं। वहीं, मध्य हिमालयी क्षेत्रों में काले भालू बहुतायत में पाए जाते हैं। जबकि, निचले इलाकों में स्लोथ भालू की संख्या ज्यादा है।
वन विभाग के आंकड़ों के मुताबिक पिथौरागढ़, टिहरी और उत्तरकाशी में 200 भालू चिह्नित किए गए थे। जबकि चंपावत, नैनीताल और बद्रीनाथ जैसे इलाकों में इनकी संख्या 100 से अधिक आंकी गई है। प्रदेश में भालू की वास्तविक संख्या कितनी है, इसका आंकड़ा फिलहाल वन विभाग के पास नहीं है।
भालू के बारे में कुछ रोचक जानकारियां
- भालू दुनिया के उन चुनिंदा वन्यजीवों में शामिल है, जो धरती के प्रत्येक महाद्वीप में पाए जाते हैं।
- अमेरिका के अलास्का, कनाडा और रूस में सबसे अधिक भालू पाए जाते हैं।
- भालू का औसत वजन 150 से लेकर 370 किलोग्राम होता है, लेकिन कई ध्रुवीय भालुओं का वजन 1000 किलोग्राम से अधिक पाया गया है।
- भालू 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से दूरी तय कर सकता है।
- कुत्तों और हाथियों की तर्ज पर भालू के भी सूंघने की क्षमता लाजवाब होती है। भालू कई किलोमीटर दूर से ही शिकार की गंध को सूंघ लेता है।
- मांस और मछली भालू का प्रिय भोजन है।, लेकिन कई भालू पौधों और कीड़ों को भी खाते हैं।
- भालू बिना आराम किए एक बार में 100 किलोमीटर तैर सकता है।