आपदा के कारण सड़क के बंद होने से अल्मोड़ा में एक प्रसूता को डोली से अस्पताल ले जाना पड़ा लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले की प्रसूता ने रास्ते में दम तोड़ दिया। बताया जा रहा है कि घर में ही प्रसव के बाद महिला की हालत खराब होने पर उसे अस्पताल ले जाने की नौबत आई लेकिन बंद सड़क के कारण प्रसूता को अपनी जान गंवानी पड़ी।
जानकारी के अनुसार बृहस्पतिवार की देर रात धौलादेवी ब्लॉक के गल्ली निवासी पूरन सिंह की पत्नी हीरा देवी (22) को प्रसव पीड़ा हुई। सड़क बंद होने के कारण परिजनों ने पड़ोस की महिलाओं को बुलाया और घर पर ही हीरा का प्रसव कराया गया।
प्रसूता ने एक बेटी को जन्म दिया। कुछ देर बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी तो ग्रामीण प्रसूता को डोली में अस्पताल ले जाने लगे। अभी वे दो किमी दूर ही पहुंचे थे कि प्रसूता ने दम तोड़ दिया। प्रधान प्रतिनिधि जगदीश सिंह ने बताया कि हनुमान गढ़ी-रोलगल्ली मोटरमार्ग होते हुए धौलादेवी अस्पताल गांव से 15 किमी दूर है। इन दिनों सड़क बंद होने से करीब छह किमी पैदल चलना पड़ता है।
ग्रामीणों को नहीं मिलती 108 सेवा
गल्ली गांव के लोगों को 108 एंबुलेंस की सुविधा नहीं मिलती है। ग्राम प्रधान प्रतिनिधि जगदीश सिंह ने बताया कि सड़क तक पहुंचने के लिए पैदल चलना पड़ता है। इसलिए 108 एंबुलेंस के कर्मचारी गांव तक आने से कतराते हैं।
आपदा के कारण हनुमानगढ़ी- रोलगल्ली मोटरमार्ग में मलबा आ गया था जिससे सड़क बंद हो गई थी। सूचना पर कुछ दिनों तक सड़क से मलबा हटाया गया। एक स्थान पर सड़क धंसी थी वहां पर जेसीबी से काम करना मुश्किल था। समय पर पोकलैंड मशीन भी नहीं मिल पा रही थी। अब हल्द्वानी से पोकलैंड मशीन मंगाकर सड़क दुरुस्त की जा रही है।
- शेर सिंह बोरा, जेई सिचाई खंड पीएमजीएसवाई।
सड़क बंद होने से प्रसूता की मौत होना दुर्भाग्यपूर्ण है। मैंने खुद उस सड़क का निरीक्षण किया था। जिस स्थान पर सड़क धंसी है वहां एक चट्टान है जिसे काटने का ग्रामीण विरोध कर रहे हैं जिससे सड़क खुलना संभव नहीं हो पा रहा है। अगर ग्रामीण विरोध करना छोड़ दें तो सड़क आसानी से बन जाएगी।
- गोविंद सिंह कुंजवाल, विधायक जागेश्वर।