सभी वक्फ संपत्तियां सरकार के अधीन हैं। बोर्ड के मुख्य कार्यपालक का भी जवाब तलब हुआ। उन्हें बोर्ड लोक सूचना अधिकारी की तैनाती करनी पड़ी। साथ ही वक्फ प्रबंधन में भी सूचना का अधिकार अधिनियम को लागू करने के आदेश दिए। उन्होंने बोर्ड को निर्देश दिए कि सूचना देने की व्यवस्था सीधे संबंधित वक्फ प्रबंधन या बोर्ड के माध्य से दिए जाने को लेकर शीघ्र विधिसम्मत व्यवस्था बनाएं।
आदेश की प्रति इस आशय से सचिव अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के साथ ही सामान्य प्रशासन विभाग को भी भेजी गई, ताकि उनके स्तर पर भी सूचना दिए जाने की व्यवस्था में बोर्ड को मार्गदर्शन प्राप्त हो सके।
आदेश से मनमानी पर लगाम, दूसरों राज्यों के लिए नजीर
कलियर शरीफ दरगाह व अन्य वक्फ संपत्तियों के आरटीआई के दायरे में आने से प्रबंधन में खलबली मच गई है। जानकारों का मानना है कि आरटीआई एक्ट लागू होने से अरबों रुपये की संपत्ति को लेकर पारदर्शिता आएगी और मनमानी पर लगाम लगेगी। इतना ही नहीं देश के अन्य राज्यों के लिए भी ये आदेश नजीर बन सकता है, जहां वक्फ संपत्तियां आरटीआई के दायरे में नहीं है।