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उत्तराखंड: हाईकोर्ट, जिला और अधीनस्थ न्यायालयों में दो अगस्त से होगी भौतिक सुनवाई

Mon, 26 Jul 2021 10:01 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

ट्रायल से संबंधित केवल वे ही वाद सुनवाई के लिए पेश होंगे जिनका ट्रायल अंतिम दौर में है और जिनमें अब दो से कम गवाहों के बयान दर्ज होने हैं।
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नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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नैनीताल हाईकोर्ट, जिला एवं अधीनस्थ न्यायालयों में दो अगस्त से भौतिक सुनवाई होगी। हाईकोर्ट के रजिस्ट्रार जनरल धनंजय चतुर्वेदी की ओर से जारी अधिसूचना में कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के मामलों में कमी के बाद केंद्र और राज्य सरकार द्वारा जारी गाइडलाइन को ध्यान में रखते हुए निचली अदालतों में दो अगस्त से न्यायिक कार्य भौतिक माध्यम से होगा।

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यह भी पढ़ें... उत्तराखंड: हाईकोर्ट पहुंचा सफाई कर्मचारियों की हड़ताल का मामला, 28 जुलाई को होगी सुनवाई

लेकिन ट्रायल से संबंधित केवल वे ही वाद सुनवाई के लिए पेश होंगे जिनका ट्रायल अंतिम दौर में है और जिनमें अब दो से कम गवाहों के बयान दर्ज होने हैं। पर्वतीय जिलों के अधीनस्थ न्यायालयों में पहले से ही भौतिक सुनवाई हो रही है। 
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आय से अधिक संपत्ति मामले में श्वेताभ सुमन की अपील पर सुनवाई 16 अगस्त को
नैनीताल हाइकोर्ट ने आय से अधिक संपत्ति मामले में 1998 बैच के आईएएस आयकर अधिकारी आरोपी श्वेताभ सुमन और अन्य की अपीलों पर सुनवाई के लिए 16 अगस्त की तिथि नियत की है।

न्यायमूर्ति रवींद्र मैठाणी की एकलपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। श्वेताभ सुमन और अन्य ने हाईकोर्ट में अपील दायर कर उस आदेश को चुनौती दी थी गई थी जिसमें उन्हें सात वर्ष की सजा सुनाते हुए उन पर तीन करोड़ सत्तर लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। 

एक शिकायती पत्र के आधार पर सीबीआई ने आयकर अधिकारी श्वेताभ सुमन के 14 ठिकानों पर 2015 में छापा मारा था।  तब वे संयुक्त आयुक्त थे। जांच में सीबीआई ने पाया कि अधिकारी के पास आय से 337 प्रतिशत अधिक संपत्ति है। यह संपत्ति गाजियाबाद, झारखंड, बिहार और देहरादून में स्थित है।
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इस संपत्ति को उन्होंने अपनी मां और जीजा के नाम कर रखी थी। स्पेशल जज प्रिवेंशन ऑफ क्रप्शन (सीबीआई)  देहरादून ने 13 फरवरी 2019 को याचिकाकर्ता को सात साल की सजा सुनाते हुए तीन करोड़ सत्तर लाख का जुर्माना लगाया था।

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