मानसून सीजन में उपाध्यक्ष राज्य सलाहकार समिति विनय रूहेला ने सभी विभागों को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए। उन्होंने बैठक में शामिल न होने पर एडीएम ऊधमसिंह नगर से स्पष्टीकरण तलब किया है।
सचिवालय में मानसून सीजन की तैयारियों को लेकर बैठक हुई। बैठक में उपाध्यक्ष विनय रूहेला ने सभी जिलों को मानसून सीजन के दौरान संभावित आपदाओं को लेकर तैयारियों को चाक-चौबंद रखने, जिलों को डॉक्टरों, दवाइयों, फार्मासिस्टों, एंबुलेंस की पर्याप्त व्यवस्था रखने के निर्देश दिए। कहा कि आपदा से बचाव के लिए आम जनमानस को जागरूक करें। आपदा संबंधी अलर्ट और सूचनाओं का समय पर प्रचार-प्रसार जरूरी है। अलर्ट मिलते ही तुरंत लोगों तक पहुंचना चाहिए ताकि लोग सतर्क हो जाएं।
उन्होंने जिलों के कंट्रोल रूम में नोडल अधिकारियों की तैनाती सुनिश्चित करने, सड़क कनेक्टिविटी बाधित होने पर पैदल मार्गों का निरीक्षण कर व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा मित्रों का आपदा से निपटने में उपयोग बेहतर ढंग से किया जा सकता है। यूएसडीएमए के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी प्रशासन आनंद स्वरूप ने सभी जिलों को निर्देश दिए कि सैटेलाइट फोन की नियमित तौर पर टेस्टिंग की जाए ताकि आपदा के समय कोई दिक्कत न आए।
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अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी क्रियान्वयन राजकुमार नेगी ने यूएसडीएमए की तैयारियों को लेकर प्रस्तुतीकरण दिया। यूएलएमएमसी की डॉ. रुचिका टंडन ने बताया कि प्रदेशभर में 132 भूस्खलन के हॉटस्पाट चिन्हित किए गए हैं, जो बहुत अधिक संवेदनशील हैं। बैठक में वर्ल्ड बैंक के प्रोजेक्ट यूप्रीपेयर के अतिरिक्त परियोजना निदेशक एसके बिरला ने अपने प्रोजेक्ट के कार्यों पर प्रस्तुतीकरण दिया। बैठक में यूएसडीएमए के विशेषज्ञ डीडी डालाकोटी, तंद्रीला सरकार, डॉ. पूजा राणा, वेदिका पंत, हेमंत बिष्ट, जेसिका टेरोन, मनीष भगत आदि मौजूद थे।