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उत्तराखंड: मुक्त विवि में हुईं नियुक्तियों की जांच के आदेश, राज्यपाल ने कहा- अवैध नियुक्तियां मिलीं तो होंगी रद्द

Thu, 26 Aug 2021 11:35 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में बिना पद और आदेश के 56 लोगों की नियुक्ति का मामला सामने आया है। ऑडिट में खुलासा होने पर वित्त सचिव अमित नेगी ने उच्च शिक्षा सचिव को पत्र लिखा पर एक साल बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई।
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जांच के आदेश - फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
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विस्तार
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उत्तराखंड की राज्यपाल (कुलाधिपति) बेबी रानी मौर्य ने ‘अमर उजाला’ की खबर का संज्ञान लेते हुए उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में बिना पद और आदेश के 56 लोगों की नियुक्तियों के मामले की जांच के आदेश दिए हैं। राज्यपाल ने कहा कि किसी भी विश्वविद्यालय में अवैध नियुक्तियां मिलीं तो उन्हें निरस्त किया जाएगा। उन्होंने कहा कि इस तरह की नियुक्तियों को लेकर उनसे किसी तरह की कोई सहमति नहीं ली गई।

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यह भी पढ़ें... उत्तराखंड एक्सक्लूसिव: मुक्त विश्वविद्यालय इतना मुक्त कि गुपचुप कर दीं 56 भर्तियां

उत्तराखंड मुक्त विश्वविद्यालय में बिना पद और आदेश के 56 लोगों की नियुक्ति का मामला सामने आया है। ऑडिट में खुलासा होने पर वित्त सचिव अमित नेगी ने उच्च शिक्षा सचिव को पत्र लिखा पर एक साल बाद भी इस पर कार्रवाई नहीं हुई। जबकि शासनादेश है कि यदि पद स्वीकृत हैं तो भी नियुक्तियां शासन के आदेश के बिना नहीं होंगी। यह नियम संविदा, दैनिक कार्य प्रभारित, नियत वेतन, अंशकालिक व तदर्थ नियुक्तियों पर लागू होगा।
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स्वीकृत पदों के इतर नियुक्तियां शून्य मानी जाएंगी। यदि ऐसी नियुक्तियां हुईं तो पारिश्रमिक का भुगतान संबंधित अफसर के वेतन, पेंशन से होगा। वहीं, संबंधित पर कार्रवाई भी की जाएगी। इसके बावजूद ऑडिट रिपोर्ट में विश्वविद्यालय में हुईं नियुक्तियों पर सवाल उठाया गया है। ऑडिट रिपोर्ट में कहा गया कि बिना पद और आदेश के 30 तकनीकी, प्रशासनिक, अकादमिक एवं परामर्शदाताओं की भर्ती की गई। जबकि विश्वविद्यालय में वर्ष 2017-18 व 2018-19 में बिना पद सृजन के आउटसोर्सिंग के माध्यम से लिपिक, योग प्रशिक्षक एवं चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों के कुल 26 पदों पर नियुक्तियां की गईं।
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बिना वित्त और कार्मिक की मंजूरी के विश्वविद्यालय में नियुक्तियां नहीं की जा सकती, यदि तीन से चार महीने के लिए किसी की नियुक्ति की गई होगी तो कुलपति को इन नियुक्तियों को करने का अधिकार है।
- डॉ.धन सिंह रावत, उच्च शिक्षा मंत्री

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