स्वतः भू उपयोग परिवर्तन पर ही होगा विचार
लोगों की नाराजगी की दूसरी वजह बेतहाशा भूमि खरीदने वालों को स्वतः भू उपयोग परिवर्तन की दी गई छूट को लेकर भी है। एक्ट के तहत पहाड़ में उद्योग लगाने के नाम पर जो कृषि भूमि खरीदी जाएगी, उसे अकृषि कराने के लिए अलग से कोई प्रक्रिया नहीं अपनानी होगी। भू उपयोग परिवर्तन अपने आप हो जाएगा। इसे राज्य और खासतौर पर पर्वतीय हितों के खिलाफ माना जा रहा है। उच्चस्तरीय समिति इस प्रावधान पर भी पुनर्विचार कर सकती है।
डीएम से वापस लिए जा सकते हैं अधिकार
सुभाष कुमार कमेटी की एक सिफारिश यह भी है कि डीएम को कृषि व औद्यानिक प्रायोजन के लिए कृषि भूमि खरीदने की अनुमति देने का अनुभव सही नहीं है। समिति ने कई प्रकरणों में यह पाया था कि ऐसी अनुमति के नाम पर लोगों ने रिजार्ट और बंगले बनाए। माना जा रहा कि उच्चस्तरीय इस समिति की इस सिफारिश की गहराई से पड़ताल करेगी। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, समिति डीएम से अधिकार वापस लेने की सिफारिश भी कर सकती है।