केंद्र सरकार ने सभी राज्यों को जारी दिशानिर्देश के अनुसार प्रदेश सरकारों की ओर से आयुष्मान योजना के तहत अलग-अलग स्कीम चलाई जा रही है। जिससे गोल्डन कार्ड में एकरूपता न होने से सूचीबद्ध अस्पतालों के सामने कार्ड लेकर संशय है। केंद्र ने आयुष्मान योजना के लाभार्थियों को एक ही तरह के गोल्डन कार्ड बनाने को कहा है। जिसमें आयुष्मान कार्ड अनिवार्य रूप से लिखा जाए।
राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण के अध्यक्ष डीके कोटिया का कहना है कि अटल आयुष्मान योजना के तहत अभी तक अलग-अलग लोगों के गोल्डन कार्ड बनाए जा रहे हैं। केंद्र ने सभी लाभार्थियों को जार होने वाले कार्ड पर अनिवार्य रूप से आयुष्मान कार्ड लिखने को कहा है।
उत्तराखंड समेत अन्य कई राज्यों में आयुष्मान योजना को अलग-अलग नाम दिया गया है। आयुष्मान कार्ड लिखने से गोल्डन कार्ड में एकरूपता आएगी। इससे लाभार्थियों का इलाज कराने में सूचीबद्ध अस्पतालों को किसी तरह कोई आपत्ति नहीं रहेगी।