नेपाल ने उच्च हिमालयी क्षेत्र में बसे गांवों में जनगणना करवाने के लिए भारत से रास्ता मांगा है। नेपाल के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में बसे छांगरु और तिंकर गांव के लिए नेपाल से रास्ता नहीं है। इस कारण यहां के ग्रामीण धारचूला (भारत) के रास्ते माइग्रेशन पर जाते हैं।
सीमा विवाद के बाद नेपाल भारत के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में स्थित गांव कुटी, कालापानी को अपना हिस्सा बता रहा है। ऐसे में अंदेशा है कि छांगरु और तिंकर के बहाने नेपाल भारतीय गांवों में भी जनगणना करवा सकता है।
नेपाल ने भारतीय जिला प्रशासन को पत्र भेजकर नेपाल के उच्च हिमालयी गांव छांगरु और तिंकर में जनगणना करवाने के लिए रास्ता देने की मांग की है। नेपाल का कहना है कि नेपाल के उच्च हिमालयी गांवों में जाने के लिए उनके पास रास्ता नहीं है, जिस कारण 12वीं जनगणना का कार्य प्रभावित हो रहा है। पिथौरागढ़ जिला प्रशासन ने इस पत्र को उच्च स्तर पर भेज दिया है।
कालापानी विवाद के बाद नेपाल कालापानी, गुंजी, कुटी, नाभी को व्यास गांव पालिका का हिस्सा बता रहा है। नेपाल से पत्र आने के बाद भारतीय गांवों में भी नेपाल की ओर से जनगणना कराने की तैयारी पर चर्चा हो रही है।
नेपाल ने अपने उच्च हिमालयी गांव छांगरु और तिंकर में जनगणना करवाने के लिए भारत से वहां पहुंचने के लिए रास्ता मांगा है। प्रकरण को उच्च स्तर पर भेजा गया है।
- डॉ. आशीष चौहान, डीएम, पिथौरागढ़।