उत्तराखंड में नंदा गौरा योजना के तहत जो बच्चियां पोर्टल शुरू होने से पूर्व पैदा हुई हैं या छह माह की समय सीमा पूर्ण कर चुकी हैं, ऐसी बालिकाओं का ऑफलाइन माध्यम से रजिस्ट्रेशन किया जा सकेगा।
जो बच्चियां पोर्टल शुरू होने के बाद पैदा हुई हैं, उनका रजिस्ट्रेशन ऑनलाइन माध्यम से ही किया जाएगा। यह जानकारी महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा बैठक के दौरान दी। आर्या ने नंदा गौरा योजना के तहत आवेदन करने वाले लाभार्थियों के रजिस्ट्रेशन में आ रही परेशानियों के संबंध में सभी जिला कार्यक्रम अधिकारियों से जिलावार जानकारी ली।
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मंत्री ने बताया, विभाग 22 अक्तूबर से योजना के तहत लाभार्थियों का आवेदन ऑनलाइन प्रक्रिया के माध्यम से किया जा रहा है। कहा, योजना के तहत जन्म के छह माह के भीतर बच्ची का रजिस्ट्रेशन किया जाना आवश्यक है। मंत्री ने वात्सल्य योजना का लाभ ले रहे लाभार्थियों की जानकारी भी ली। कहा, विभाग को महिला कल्याण कोष के लिए आबकारी विभाग के माध्यम से अतिरिक्त शुल्क के रूप में आठ करोड़ की राशि मिली है।
उन्होंने विभागीय अफसरों को निर्देश देते हुए कहा कि महिला सशक्तीकरण, महिलाओं को स्वरोजगार, एकल महिलाएं, महिला सुरक्षा, ऐसे बच्चे जो आपदा में अनाथ हुए हैं और दुर्घटना के कारण अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक रूप से सहायता करना इन सभी बिंदुओं पर विचार करते हुए 15 नवंबर तक इस संबंध में प्रस्ताव और रूपरेखा बना ली जाए। बैठक में सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास हरिचंद्र सेमवाल, निदेशक प्रशांत आर्य, उपनिदेशक विक्रम सिंह आदि मौजूद रहे।
महिलाओं को उपलब्ध कराएं आवास
मंत्री ने कहा, नौ पर्वतीय जिलों में महिलाओं को आवश्यक रूप से आवास मुहैया कराए जाएं। जो महिलाएं पीएम आवास योजना शामिल नहीं हो पाई हों, ऐसी आर्थिक रूप से कमजोर महिलाओं को छत निर्माण के लिए फेब्रिकेटेड स्ट्रक्चर के रूप में या तो धनराशि मुहैया कराई जाए या फेब्रिकेटेड स्ट्रक्चर के रूप में दो कमरे के बराबर छत मुहैया कराई जाए। मंत्री ने कहा, इस बिंदु को भी प्रस्ताव में शामिल किया जाए।