राजकीय शिक्षक संघ के गेस्ट टीचर के पदों को लेकर विरोध के बाद शिक्षा मंत्री अरविंद पांडे ने मंगलवार को शिक्षा सचिव को इस शासनादेश की फिर से समीक्षा कर शिक्षकों की नाराजगी दूर करने का निर्देश दिया है। इससे समझा जा रहा है कि पूर्व में हुए फैसले को बदलने की तैयारी है। इससे प्रदेश के तीन हजार से अधिक गेस्ट टीचरों को झटका लगा है।
शिक्षा सचिव आर मीनाक्षी सुंदरम की ओर से 17 जुलाई को लेक्चरर के पद पर प्रमोशन पाने वाले शिक्षकों की काउंसिलिंग के संबंध में शासनादेश जारी किया गया था। शासनादेश में कहा गया कि जिन स्कूलों में गेस्ट टीचर तैनात नहीं है उन्हीं स्कूलों को काउंसिलिंग के दौरान दिखाया जाएगा। इस शासनादेश से राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े शिक्षकों में भारी नाराजगी थी।
उनका कहना था कि यदि विभाग और सरकार की ओर से इस मामले में उनकी अनदेखी हुई तो इस फैसले के खिलाफ वह कोर्ट जाएंगे। विरोध में प्रदेश भर में शिक्षकों ने मुख्य शिक्षा अधिकारी के माध्यम से शिक्षा निदेशक को ज्ञापन भेजकर नाराजगी जताई थी।
वहीं मंगलवार को इस मामले में राजकीय शिक्षक संघ से जुड़े पदाधिकारी शिक्षा मंत्री से मिले थे। राजकीय शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष कमल किशोर डिमरी ने कहा कि शिक्षामंत्री ने आश्वासन दिया है कि गेस्ट टीचरों के पदों को खाली माना जाएगा।
शिक्षा सचिव को निर्देश दिया है कि इस संबंध में जो शासनादेश हुआ है उसकी समीक्षा करते हुए नियमित नियुक्ति के शिक्षकों की नाराजगी को दूर किया जाए। -
अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री