शिवालयों में जलाभिषेक से संबंधित पत्र को लेकर विवादों में आई कैबिनेट मंत्री रेखा आर्य ने सोमवार को सफाई दी। उन्होंने पत्र और उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश करने का आरोप लगाया। विवाद के लिए उन्होंने विपक्ष को जिम्मेदार ठहराया। कहा, विपक्ष पत्र पर भ्रांतियां फैला रहा है जबकि पत्र में कहीं पर भी यह नहीं कहा गया कि यदि कोई शिवालयों में जलाभिषेक नहीं करेगा तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि यह सभी लोगों की स्वेच्छा है कि वे अपने नजदीकी शिवालयों में जलाभिषेक करें या न करें।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि कुछ लोगों के पास कोई काम नहीं हैं। उनकी ओर से वर्ष 2017 में बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर साइकिल यात्रा निकाली गई थी। उस दौरान भी कांग्रेस के कुछ लोगों ने इसका विरोध किया था। जबकि अब बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ को लेकर कांवड़ यात्रा निकाली जा रही है, इसका भी कांग्रेस के कुछ लोग विरोध कर रहे हैं।
महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग के उप निदेशक एसके सिंह ने कहा कि बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ योजना को गति देने के लिए पावन शिवरात्रि पर 26 जुलाई को कांवड़ यात्रा निर्णय लिया गया है। इस कांवड़ यात्रा का संकल्प है मुझे भी जन्म लेने दो, शिव के माह में शक्ति का संकल्प। यात्रा हर की पैड़ी से वीरभद्र महादेव मंदिर ऋषिकेश तक निकलेगी।