मंगलवार की सुबह से ही आईटीबीपी और प्रशासन के अधिकारियों का उनके घर पर पहुंचना शुरू हो गया था। शाम करीब साढ़े तीन बजे जैसे ही आईटीबीपी के जवान शहीद के पार्थिव शरीर को लेकर उनके घर पर पहुंचे, परिजनों में चीख पुकार मच गई। सभी बिलख-बिलख कर रोने लगे। शहीद को श्रद्धांजलि देने बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों की आंखें छलक गई।
शहीद टीकम सिंह नेगी का पार्थिव शरीर पहुंचा घर
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शहीद को आईटीबीपी, उत्तराखंड पुलिस के अधिकारियों ने सलामी दी। पार्थिव शरीर पर पुष्प चक्र चढ़ाया। कैबिनेट मंत्री धन सिंह रावत, पूर्व मंत्री अरविंद पांडेय, विधायक सहसपुर सहदेव सिंह पुंडीर, एडीजी आईटीबीपी मनोज रावत, एडीजी लॉ एंड आर्डर बी मुरुगेशन, आईजी गढ़वाल केएस नगन्याल, एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने भी शहीद को श्रद्धांजलि दी।
शाम करीब चार बजे घर से शहीद की शव यात्रा निकली। इस दौरान जब तक सूरज चांद रहेगा, टीकम तेरा नाम रहेगा, भारत माता की जय जैसे नारे गूंजते रहे। अंतिम यात्रा भाऊवाला चौक, सेलाकुई, झाझरा, सुद्धोवाला होते हुए शाम करीब साढ़े पांच बजे प्रेमनगर स्थित श्मशान घाट पहुंची, जहां राजकीय सम्मान के साथ बड़ी संख्या में लोगों ने शहीद को अंतिम विदाई दी।