रेंज अधिकारी सुचि चौहान ने बताया कि परिजनों को अंत्येष्टि आदि के लिए मुआवजे की प्रथम किश्त के रूप में 50 हजार रुपये की नगद धनराशि दे दी गई है। गांव में पिंजरा लगाने के साथ ही वन कर्मियों की गश्त लगवाई जा रही है।
उच्चाधिकारियों को शिकारी की तैनाती की संस्तुति की गई है। उधर, गढ़वाल वन प्रभाग के डीएफओ मुकेश कुमार ने मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक को पत्र लिखकर गुलदार को नरभक्षी घोषित कर पकड़ने के लिए पिंजरा लगाने या मारने की अनुमति मांगी। इस पर मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक जेएस सुहाग ने गुलदार को पकड़ने और पकड़ में न होने पर मारने के आदेश जारी कर दिए हैं।
जनप्रतिनिधियों ने घटना पर जताया दुख
क्षेत्रीय विधायक और पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज ने घटना पर गहरा दुख प्रकट किया है। उन्होंने जिलाधिकारी डॉ. विजय कुमार जोगदंडे और डीएफओ गढ़वाल मुकेश कुमार से दूरभाष पर वार्ता कर क्षेत्र में शूटर तैनात करने, पिंजरा लगाने और परिजनों को तत्काल मुआवजा देने के निर्देश दिए। कांग्रेस के प्रांतीय उपाध्यक्ष धीरेंद्र प्रताप, पूर्व प्रमुख सुरेंद्र सिंह रावत समेत कई जनप्रतिनिधियों ने गुलदार को आदमखोर घोषित करते हुए उसे मारने की मांग की है।
पौड़ी के विकासखंड पोखड़ा में ग्राम डाबरा के मजगांव में दिन दहाड़े एक महिला को अपना निवाला बनाने वाला गुलदार ढेर हो गया है। जाने-माने शिकारी जॉय हुकिल ने गुलदार को मार गिराया है।
हुकिल व ट्रेंकुलाइज टीम घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने देखा गुलदार ने महिला के खून से सने कपड़ों को उठाने की कोशिश की और महिला के शव के चारों ओर घूमने लगा। जॉय हुकिल व वन विभाग के कर्मचारियों ने गुलदार को ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की। लेकिन गुलदार काबू में नहीं आ पाया।
जिसके बाद विभाग के निर्देश पर शिकारी जॉय ने एक ही गोली में गुलदार को ढेर कर दिया। शिकारी जॉय का यह 41 वां शिकार है। हुकिल ने बताया कि गुलदार नर है। साढ़े सात फीट उसकी लंबाई है और उम्र छह साल है। उन्होंने बताया गुलदार के ठीक मुंह के अंदर गोली लगी है।