प्राधिकरण में होंगे 11 सदस्य
कानून लागू होने के बाद उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण की स्थापना की जाएगी, जिसमें नामित अध्यक्ष के अलावा 11 सदस्य होंगे। अध्यक्ष अल्पसंख्यक समुदाय का शिक्षाविद् होगा, जिसके पास 15 वर्ष या इससे अधिक का शिक्षण अनुभव जरूरी होगा। उच्च शिक्षण संस्थान में न्यूनतम पांच वर्ष का अनुभव होगा। वहीं, 11 में से छह सदस्य अल्पसंख्यक समुदाय के होंगे। इसमें मुस्लिम, सिख, ईसाई, बौद्ध, जैन या पारसी समुदाय से एक-एक सदस्य होगा, जो उस धर्म से संबंधित हो या जिसका संबंध उस भाषा से हो। अन्य पांच सदस्यों में एक राज्य सरकार का सेवानिवृत्त अधिकारी होगा, जो सचिव या समकक्ष सेवानिवृत्त हो। दूसरा विद्यालयी शिक्षा के क्षेत्र में 10 वर्ष या इससे अधिक अनुभव रखने वाला सामाजिक कार्यकर्ता, तीसरा महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा, चौथा एससीईआरटी का निदेशक, पांचवां निदेशक अल्पसंख्यक कल्याण होगा।