प्रदेश में इस तरह की भूमि पर काबिज लोगों को मालिकाना हक के लिए सरकार की ओर से मंत्रिमंडल की उप समिति गठित की गई है। वन मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, प्रदेश में वर्ग विभिन्न श्रेणी की जमीनों पर पूर्व में सरकारों ने नियमितीकरण का निर्णय लिया था, जिसकी समयावधि पूर्ण हो चुकी है, जिसे बढ़ाने को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की गई।
अधिकारियों को इस संबंध में रिपोर्ट तैयार करने के लिए कहा गया है, जिसे कैबिनेट में प्रस्तुत किया जाएगा। मंत्री ने कहा, सभी प्रकार की श्रेणी पर काबिज लोगों की जानकारी जब समिति को पेश की जाएगी, तभी इस संबंध में आगे कोई निर्णय समिति ले पाएगी। सरकार का उद्देश्य यह है कि कई श्रेणी की जमीनों पर वर्षों से काबिज लोगों को कैसे नियमानुसार जमीन पर अधिकार दिया जा सके, जिससे उनको जीवन यापन करने में कठिनाइयों का सामना न करना पड़े।
मंत्री ने यह भी कहा, जनवरी में वीडियो काॅन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलाधिकारियों के साथ इस संबंध में बैठक होगी। बैठक में मंत्री रेखा आर्य, प्रमुख सचिव विधि एवं न्याय नितिन शर्मा, सचिव राजस्व सचिन कुर्वे आदि मौजूद रहे।
त्यूनी परगना में वर्ग चार की जमीन के मालिकाना हक के लिए पूर्व में एक्ट में संशोधन किया गया था। जमीन के नियमितीकरण को लेकर समय सीमा 11 फरवरी 2022 को खत्म हो चुकी है। इसके विस्तारीकरण को लेकर मंत्रिमंडल की उप समिति सरकार को अपनी रिपोर्ट भेजेगी।
-सुबोध उनियाल, वन मंत्री