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Uttarakhand News : बदरीनाथ धाम के यात्रियों को बड़ी राहत, लामबगड़ स्लाइड जोन का स्थाई इलाज

Thu, 07 Jan 2021 07:05 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • 500 मीटर लंबे स्लाइड जोन के ट्रीटमेंट पर खर्च हुए 107 करोड़
  • अब भूस्खलन के कारण नहीं लगेगा जाम, नहीं करना होगा लंबा इंतजार
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लामबगड़ भूस्खलन जोन - फोटो : अमर उजाला (File Photo)
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विस्तार
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प्रदेश सरकार ने बदरीनाथ धाम की यात्रा करने वाले श्रद्धालुओं व स्थानीय लोगों को बहुत बड़ी राहत दी है। मार्ग के लिए नासूर बने लामबगड़ भूस्खलन जोन का स्थाई इलाज कर दिया गया है।

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500 मीटर लंबे इस स्लाइड जोन की वजह से यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। सरकार ने 107 करोड़ रुपये की लागत से इस स्लाइड जोन का स्थाई ट्रीटमेंट कर दिया है। अगले 10 दिन में इसे जनता को समर्पित कर दिया जाएगा।

सीमांत जिले चमोली में 26 साल पहले ऋषिकेश-बदरीनाथ नेशनल हाईवे पर पांडुकेश्वर के पास लामबगड़ में पहाड़ के दरकने से भूस्खलन जोन बन गया था।

हल्की सी बारिश में ही पहाड़ से भारी मलबा सड़क पर आ जाने से हर साल बदरीनाथ धाम की यात्रा बाधित होने लगी। लगभग 500 मीटर लंबा यह जोन यात्रा के लिए नासूर बन गया था।

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ढाई दशक से अधर में लटका था प्रोजेक्ट

पिछले ढाई दशकों में इस स्थान पर खासकर बरसात के दिनों में कई वाहनों के मलबे में दबने के साथ ही कई लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। करोड़ों खर्च होने पर भी इस समस्या का समाधान नहीं हो पा रहा था।

दो साल में हो गया स्लाइड जोन का इलाज

वर्ष 2013 की भीषण आपदा में लामबगड़ स्लाइड जोन में हाईवे का नामोनिशां मिट गया। तब सड़क परिवहन मंत्रालय ने लामबगड़ भूस्खलन जोन के स्थाई ट्रीटमेंट की जिम्मेदारी एनएच-पीडब्ल्यूडी को दी।

एनएच से विदेशी कंपनी मैकाफेरी नामक कंपनी ने यह कार्य लिया। फॉरेस्ट क्लीयरेंस समेत तमाम अड़चनों की वजह से ट्रीटमेंट का यह काम धीमा था। सरकारी प्रवक्ता के मुताबिक, वर्ष 2017 में त्रिवेंद्र सरकार ने ये तमाम अड़चनें मिशन मोड में दूर कीं। महज दो वर्ष में अब यह ट्रीटमेंट पूरा हो चुका है।

हर साल बरसात के समय लामबगड़ भूस्खलन जोन पर भारी मलबा आने की वजह से यात्रा बाधित होती थी। कई-कई घंटे यात्रियों को मार्ग पर ही गुजारने पड़ते थे। लेकिन अब इस भूस्खलन जोन का स्थायी समाधान होने से यात्रियों को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
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