तराई की महिलाओं के हाथों से तैयार रजाइयों को अब स्थानीय बाजार के साथ ही अंतरराष्ट्रीय बाजार तक पहुंचाने की तैयारी है। इसके लिए ऑनलाइन साइट अमेजन व मेगा स्टोर से राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने अनुबंध किया गया है। जिले में रजाई ग्रोथ सेंटर खोलने के लिए शासन से मंजूरी मिल चुकी है। ग्रोथ सेंटर में 600 महिलाओं को रोजगार देने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
जिले में राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत 45 हजार महिलाओं को मूंज घास के होम डेकॉर सामान, रसोई का सामान, बेकरी में बिस्कुट, बन, ब्रेड, केक आदि का प्रशिक्षण देकर आत्मनिर्भर बनाकर उन्हें रोजगार दिया गया है। अब गदरपुर ब्लॉक में रजाई ग्रोथ सेंटर के लिए प्रशासन ने भूमि चिह्नित कर ली है।
नए साल तक ग्रोथ सेंटर का निर्माण कर दिया जाएगा। पहले चरण में 100 महिलाओं को विभिन्न तरीकों से रजाई बनाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। दूसरे चरण में 100 अन्य महिलाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा। डीआरडीए परियोजना निदेशक हिमांशु जोशी ने बताया कि रजाई ग्रोथ सेंटर बनाने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया था, जिसे मंजूरी मिल चुकी है। उद्योग विभाग को ग्रोथ सेंटर के निर्माण के लिए 25 लाख रुपये का बजट मिल गया है।
रजाई के कवर की डिजाइनिंग पर होगा काम
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की ओर से स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को ही प्रशिक्षण दिया जाएगा। रजाई के ग्रोथ सेंटर में सलाहकार की मदद से रजाई के कवर की डिजाइनिंग बेहतर बनाने का प्रयास किया जाएगा, ताकि ऑनलाइन साइट्स पर दूसरे देश के लोग भी इन्हें पसंद कर आर्डर कर सकें।
उच्च गुणवत्ता की बनाई जाएंगी रजाइयां
रजाई की गुणवत्ता पर विशेष फोकस रहेगा। इसे लेकर उच्च क्वालिटी की रूई दूसरे राज्य से मंगाने की तैयारी चल रही है। हालांकि तराई की महिलाओं के हाथों की बनी रजाई इन सर्दियों में नहीं मिल पाएंगी। ग्रोथ सेंटर बनने के बाद अगले साल की सर्दियों में यह रजाइयां उपलब्ध होंगी।
हमारा प्रयास रहेगा की नए साल में रजाई ग्रोथ सेंटर बनकर तैयार हो जाए, लेकिन रजाइयां अगले वर्ष से तैयार हो पाएंगी। महिलाओं की ओर से बनाई गई रजाइयों को स्थानीय बाजार, दूसरे राज्यों में लगने वाले मेलों के स्टॉलों में लगाया जाएगा। अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए रजाई को ऑनलाइन साइट अमेजन व मेगा स्टोर में भी बेचा जाएगा। -
हिमांशु खुराना, मुख्य विकास अधिकारी