उत्तराखंड मेडिकल लैब टेक्नीशियन एसोसिएशन ने लंबित मांगों को लेकर चरणबद्ध तरीके से प्रदेशव्यापी आंदोलन का एलान किया है। 11 से 15 अक्तूबर तक लैब टेक्नीशियन काला फीता बांध कर विरोध प्रदर्शन करेंगे। 23 अक्तूबर को सामूहिक अवकाश लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय का घेराव करेंगे।
एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष राकेश सिंह बड़थ्वाल व प्रदेश महासचिव चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि लैब टेक्नीशियन संवर्ग स्वास्थ्य विभाग का एक महत्वपूर्ण अंग है। बिना सही जांच के किसी भी बीमारी का इलाज संभव नहीं है। लेकिन राज्य गठन के 20 साल के बाद भी लैब टेक्नीशियनों की अनदेखी की जा रही है। कोरोना महामारी के दौरान भी लैब टेक्नीशियनों ने फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में सैंपलिंग और टेस्टिंग में अहम भूमिका निभाई। इसके बावजूद सरकार लैब टेक्नीशियनों की मांगों को नजरअंदाज किया जा रहा है।
लैब टेक्नीशियन संवर्ग पदोन्नति और सेवा नियमावली से वंचित है। जिस पद नियुक्ति होती है उसी पद से सेवानिवृत्त हो रही है। इस संवर्ग के कार्मिकों के लिए पदोन्नति का कोई पद नहीं है। प्रदेश में लैब टेक्नीशियनों को जोखिम भत्ता नहीं दिया जा रहा है। एसोसिएशन का कहना है 19 सितंबर को स्वास्थ्य महानिदेशक को मांग पत्र सौंपने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने से आंदोलन के लिए बाध्य होना पड़ रहा है।
एसोसिएशन ने निर्णय लिया कि 11 अक्तूबर से प्रदेश में चरणबद्ध आंदोलन शुरू किया जाएगा। 16 अक्तूबर को सभी अस्पतालों में प्रमुख चिकित्सा अधीक्षक, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक व प्रभारी चिकित्सा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा जाएगा।
18 अक्तूबर को मुख्य चिकित्साधिकारी और 19 अक्तूबर को गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के निदेशक को ज्ञापन दिया जाएगा। 20 से 22 अक्तूबर को मुख्यमंत्री, स्वास्थ्य मंत्री, कैबिनेट मंत्री और विधायकों को ज्ञापन सौंपे जाएंगे। 23 अक्तूबर को प्रदेश के सभी लैब टेक्नीशियन सामूहिक अवकाश लेकर स्वास्थ्य महानिदेशालय में प्रदर्शन करेंगे।