एआईसीसी के महासचिव व उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने भाजपा को कौरव पक्ष मिसाल दी। उन्होंने सियासी दलों के लोगों का आह्वान किया कि भाजपा के विरोध की सोच वाले लोगों को कांग्रेस के साथ आना चाहिए।
बृहस्पतिवार को हरीश रावत हल्द्वानी में थे। इस दौरान उन्होंने मीडिया को यह बयान दिया। प्रदेश में आम आदमी पार्टी की बढ़ती सक्रियता और अन्य क्षेत्रीय दलों की जोर पकड़ रही सियासी गतिविधियों के बीच उन्होंने 2022 के विधानसभा चुनाव को महाभारत की मिसाल दी।
उन्होंने कहा कि चुनावी महाभारत में एक सेना इस तरफ है और दूसरी सेना उस तरफ। इस महाभारत में कौरव पक्ष भाजपा के रूप में है और पांडव पक्ष कांग्रेस के रूप में है। उन्होंने भाजपा विरोधी विचार वाले लोगों का कांग्रेस के साथ आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि महाभारत के बारे में भी सबको मालूम है कि शुरुआत में दो तीन दिन कौरव जीतते रहे थे। लेकिन अंत में सत्य की जीत हुई।
भाजपा मीडिया प्रभारी का पूर्व मुख्यमंत्री पर पलटवार
भाजपा के प्रदेश मीडिया प्रभारी मनवीर सिंह चौहान ने कहा कि महाभारत तो कांग्रेस में हुआ था, जिसे पूरे देश ने देखा। तब तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत अव्यवस्थित और बेहाल उत्तराखंड की दुर्दशा को आंख बंद कर देखते रहे। भाजपा मीडिया प्रभारी की यह प्रतिक्रिया पूर्व मुख्यमंत्री के उस बयान पर आई, जिसमें उन्होंने भाजपा को कौरवों की मिसाल दी है।
चौहान ने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव हरीश रावत 2017 के फ्लॉप योद्धा रहे और एक बार फिर दिवास्वप्न देख रहे हैं। हरीश रावत आज भाजपा के खिलाफ सभी दलों को कांग्रेस में आकर लड़ने की प्रेरणा दे रहे हैं। लेकिन डूबते जहाज से सब दूर हो रहे हैं।
बंशीधर भगत के आवास पर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन
एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने नेता प्रतिपक्ष डॉ. इंदिरा हृदयेश के खिलाफ की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत के आवास पर जाकर प्रदर्शन किया।
संगठन के प्रदेश महासचिव विकास नेगी ने कहा कि भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बंशीधर भगत द्वारा माफी तो मांग ली गई है, लेकिन उनकी सोच और मानसिकता को नहीं बदला जा सकता। भाजपा वैसे तो महिलाओं के उत्थान, महिला सशक्तीकरण, बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ जैसी कई बड़ी-बड़ी बात करती है, जबकि इन सब के विपरीत उनके प्रदेश के अध्यक्ष एक बुजुर्ग महिला के लिए अभद्र टिप्पणी करते हैं।
एनएसयूआई ने भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से बंशीधर भगत को निष्कासित करने की मांग की। चेतावनी दी कि अगर जल्द कोई कार्रवाई नहीं की गई तो एनएसयूआई उग्र आंदोलन करेगी। इस अवसर पर प्रदेश सचिव अभय कैंतुरा, अंजलि चमोली, काजल नेगी, प्रकाश नेगी, उज्ज्वल सेमवाल, सुधांशु अग्रवाल, अजय सैनी, जतिन कपिल, लकी, प्रदीप बिजल्वाण, सौरभ जोशी आदि मौजूद रहे।