उत्तराखंड सरकार ने आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ा कर प्रदेश के लाखों लोगों को बड़ी राहत दी है। अब आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि एक साल होगी। इस संबंध में शासन ने आदेश जारी कर दिए हैं। इससे सरकार की कल्याणकारी योजना और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ लेने के लिए बार-बार प्रमाण पत्र बनाने का झंझट नहीं रहेगा।
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लंबे समय से प्रदेश में आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि बढ़ाने की मांग की जा रही थी। सरकार ने आय प्रमाण पत्र बनाने में आने वालीं दिक्कतों को देखते हुए वैधता अवधि को बढ़ाकर एक साल कर दिया है। सेवा का अधिकार अधिनियम 2011 के तहत भी आय प्रमाण पत्र की सेवा अधिसूचित हैं।
सरकार की ओर से चलाई गई सामाजिक सुरक्षा पेंशन, कल्याणकारी योजनाओं और सरकारी नौकरियों में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ समेत अन्य तमाम योजनाओं के लिए आय प्रमाण पत्र देना होता है। पटवारी से लेकर तहसील स्तर पर लंबी प्रक्रिया के बाद प्रमाण पत्र जारी होता है, लेकिन इसकी वैैधता अवधि छह माह की तय होती है। जिससे दोबारा से प्रमाण पत्र के लिए उसी प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है। जिससे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था।
जल्द जारी होगा प्रारूप
अपर सचिव राजस्व डॉ.आनंद श्रीवास्तव ने आय प्रमाण पत्र की वैधता अवधि एक साल बढ़ाने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने बताया कि ई-डिस्ट्रिक पोर्टल पर आय प्रमाण पत्र का नया प्रारूप जल्द ही अपलोड करने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए हैं।
कल्याण शिविर में बांटे विभिन्न योजनाओं के आवेदन
चिन्यालीसौड़ के राजकीय इंटर कॉलेज चमियारी में सोमवार को कल्याण शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें वृद्धावस्था, विधवा, दिव्यांग और किसान पेंशन योजना के अंतर्गत 38 आवेदन पत्र आवंटित किए गए। इस दौरान 13 लोगों को आय प्रमाणपत्र और 60 को परिवार रजिस्टर की नकल जारी की गई। बाल विकास विभाग ने 25 जन कल्याणकारी योजनाओं के आवेदन आवंटित किए। चिकित्सा विभाग द्वारा 10 चिकित्सा प्रमाण पत्र जारी किए गए एवं 50 लोगों का कोविड-19 परीक्षण किया।