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रामदेव एलोपैथी विवाद: आईएमए ने कहा- एलोपैथिक अस्पतालों में नहीं होने देंगे कोरोनिल का इस्तेमाल

Thu, 03 Jun 2021 10:42 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन उत्तराखंड ने कहा कि किसी भी मरीज पर मिक्सोपैथी (दो पैथियों में उपचार) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसलिए कोरोनिल को एलोपैथिक अस्पतालों में इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।
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कोरोनिल - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
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विस्तार
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आईएमए उत्तराखंड ने साफ किया है कि पतंजलि की कोरोनिल को एलोपैथिक अस्पतालों में इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने इसके लिए सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का हवाला दिया है, जिसके अनुसार किसी भी मरीज पर मिक्सोपैथी (दो पैथियों में उपचार) का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। इसको लेकर आईएमए शुक्रवार को मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और स्वास्थ्य सचिव को पत्र भेजेगा। 

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बाबा रामदेव और आईएमए के बीच विवाद लगातार गहराता जा रहा है। बाबा के एलोपैथ व उससे जुड़े डॉक्टरों के खिलाफ बयानबाजी के बाद अब अस्पतालों में कोरोनिल दिए जाने के बयान पर आईएमए ने सख्त नाराजगी जताई है।
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आईएमए सचिव डॉ. अजय खन्ना ने कहा कि किसी भी मरीज पर मिक्सोपैथी का इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। जिन मरीजों का इलाज एलोपैथी के जरिये किया जा रहा है, उन्हें आयुर्वेद की दवा कैसे दी जा सकती है। इसको लेकर सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट रूलिंग है। कहा कि पत्र के साथ वो यह रूलिंग भी भेजेंगे। अगर उसके बाद भी कोरोनिल का इस्तेमाल जारी रहा तो सुप्रीम कोर्ट की अवमानना याचिका दायर करेंगे। 

उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव की लड़ाई फार्मा कंपनियों से है। हम उन कंपनियों की दवा लिखते हैं, इसलिए हमें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि अगर फार्मा कंपनियां माफिया हैं तो बाबा भी तो यही काम कर रहे हैं। उनके यहां भी दवाएं बेची और बनाई जा रही हैं।

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ज्योतिष पर न बोलें रामदेव, वेद-पुराण पढ़ें

बाबा रामदेव के ज्योतिष को लेकर दिए गए बयान पर ज्योतिषियों ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि बाबा ज्योतिष पर न बोलें। इसके बजाय उन्हें वेद-पुराण पढ़ने चाहिए। अगर वो ऐसा करेंगे तो उन्हें किसी से पूछने या जवाब मांगने की जरूरत नहीं पड़ेगी। ज्योतिष को लेकर उनका ज्ञान बेहद सीमित है। यही कारण है कि वो इस तरह के हल्के बयान दे रहे हैं।

आयुर्वेद में बाबा खुद भी दवाओं को तोड़ने और बनाने के लिए शुभ-मुहूर्त व नक्षत्र का ध्यान रखते हैं। माना जाता है कि शुभ मुहूर्त में यह कार्य करने से इसका प्रभाव अधिक दिखता है। वैसे भी रामदेव ज्योतिष के विद्वान नहीं है।  
- आचार्य डॉ. सुशांत राज

एलोपैथ के बाद बाबा रामदेव अब ज्योतिष को भी गलत ठहराने पर आ गए हैं। यह उनका बड़बोलापन है। उन्हें समझ नहीं कि क्या कहना चाहिए और क्या नहीं। ज्योतिष वह है जिसे परमात्मा की ज्योति प्राप्त हुई है। 
- ज्योतिषी पीपीएस राणा
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