मास्टर प्लान के तहत बनाए जा रहे नक्शे में दिल्ली के हर आवासीय, व्यवसायिक, सरकारी, गैर सरकारी भवनों के अलावा, अस्पताल, जिम, मॉल, पार्क, सड़क, चौराहे, बाजार, रोडवेज, एयरपोर्ट सभी की विवरण सहित तस्वीर इंटरनेट पर उपलब्ध होगी। इसमें हर भवन के स्वामी का नाम, उसके भवन की माप आदि का पूरा ब्योरा मिलेगा।
...ताकि दिल्ली में कहीं भी न भरे पानी
मास्टर प्लान तैयार करने के लिए यूएवी ड्रोन का इस्तेमाल किया जा रहा है। प्रो. जैन ने बताया कि यह हर प्वाइंट पर समुद्र तल से ऊंचाई को रेखांकित करेगा। इसे कंटूर मैपिंग भी कहा जाता है, जो यह बताएगा कि यदि किसी जगह पानी भरा हो तो उसका ढलान किस दिशा में होगा।
इसके आधार पर ऐसा ड्रेनेज प्लान तैयार होगा कि दिल्ली में कहीं भी पानी न भरे। इसके लिए ड्रोन की मदद से टोपोग्राफी भी तैयार होगी। खास बात यह होगी कि ड्रेनेज प्लान के लिए 2डी और 3डी नक्शा भी बनाया जाएगा।
नक्शे में होंगे अमृत मिशन के निर्धारित सिंबल
नक्शे में अटल मिशन फॉर रेजुवेनेशन एंड अर्बन ट्रांसफार्मेशन (एमआरयूटी) के तहत निर्धारित सिंबल का प्रयोग होगा। यानी सरकारी भवनों, सड़कों, रेलवे, रोडवेज आदि के लिए निर्धारित किए गए रंगों से ही मैप पर संबंधित जगहों की पहचान की जा सकेगी। वैज्ञानिक प्रो. कमल जैन के अनुसार, ड्रोन कैमरे में लगे हाई रेज्योल्यूशन कैमरों की मदद से तस्वीरें इतनी साफ होंगी कि मैप में बिजली के खंभे भी साफ देखे जा सकेंगे।