भारत-चीन युद्ध के दौरान खाली किए गए थे गांव
भारत-चीन सीमा पर कभी नेलांग व जादूंग गांव आबाद हुआ करते थे जिसमें जाड़-भोटिया समुदाय के करीब 50 परिवार निवास करते थे। लेकिन 1962 में भारत-चीन युद्ध के दौरान इन दोनों गांवों को खाली कराया गया। नेलांग गांव में अब ज्यादातर क्षेत्र में आईटीबीपी व सेना काबिज है जिसके चलते यहां पुराने घर नहीं बचे हैं।
इनर लाइन की बंदिश खत्म होना भी जरूरी
सरकार ने जादूंग गांव में बने पुराने घरों के जीर्णोद्धार की योजना पर काम करना शुरू कर दिया है लेकिन नेलांग घाटी में अब तक इनर लाइन की बंदिश बरकरार है। यहां पर्यटकों को रात में रुकने की इजाजत नहीं है। वहीं पर्यटन विभाग घरों का जीर्णोद्धार कर इनमें होमस्टे संचालित करने की बात कह रहा है। ऐसे में पर्यटक रात्रि के समय इनमें कैसे रूकेंगे। यह भी सोचने वाली बात है।
पर्यटन विभाग सीमांत जादूंग गांव में खंडहर हो चुके भवनों का जीर्णोद्धार करवा रहा है। इन भवनों के जीर्णोद्धार के बाद इन्हें होमस्टे के रूप में संचालित करने की योजना है।
-जसपाल सिंह चौहान, जिला पर्यटन विकास अधिकारी उत्तरकाशी।