साध्वी के सुसाइड नोट ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं। साध्वी ने लिखा है कि अपने मन की बात किसे कहूं। मैंने कोई गलत कार्य नहीं किया। वहीं एक पन्ने पर गायत्री मंत्र लिखा हुआ था। जबकि सातों पन्नों के ऊपर ओम लिखा है। साध्वी ने मौत का जिम्मेदार किसी को नहीं ठहराया है। साध्वी ने खुद को सांसारिक जीवन के लायक खुद को नहीं बताया है। संन्यास में ही मरने की इच्छा जताई है। लिखा है योग में ही मुक्ति लेना चाहती थी।
कई लोगों का किया जिक्र
साध्वी को अंग्रेजी व कंप्यूटर का ज्ञान नहीं है। उसने अपने सुसाइड नोट में देवपूर्णा दीदी का भी जिक्र किया है। इसके साथ ही स्वामी, आचार्य, गुरुदेव, माता पिता से लेकर भाई को प्रणाम भी किया है।
मृतक साध्वी के परिजनों को घटना की सूचना दी गई है। इसके साथ ही शव का पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस इस मामले में हर पहलू से जांच कर रही है।
- कमलेश उपाध्याय, एसपी सिटी हरिद्वार
हमें इस मामले में कोई बात नहीं कहनी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
- आचार्य बालकृष्ण, महामंत्री पतंजलि योगपीठ