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ग्राफिक एरा का 10वां दीक्षांत समारोह: उत्तराखंड में बनेगी अटल नवाचार अकादमी- सहस्रबुद्धि

Sun, 10 Oct 2021 09:45 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का दसवां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धे रहे।
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Graphic Era, Graphic Era Deemed University, Convocation - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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उत्तराखंड में अटल नवाचार अकादमी बनेगी। इसके लिए देहरादून से लगभग 25 किलोमीटर दूर विकासनगर की तरफ जमीन की तलाश की गई है। राज्य सरकार से इसके लिए बात चल रही है। इस अकादमी में उच्च शिक्षा में शोध कार्यों और नवाचार को बढ़ावा दिया जाएगा। यह बात अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धि ने रविवार को ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के दसवें दीक्षांत समारोह के दौरान पत्रकारों से बातचीत में कही। 

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देहरादून स्थित ग्राफिक एरा विवि में रविवार को दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान  5317 छात्र-छात्राओं को उपाधियां दी गईं। उपाधियां पाकर छात्र-छात्राओं के चेहरे खुशी से खिल गए।

चार हस्तियों को डीलिट और डीएससी की मानद उपाधि
दीक्षांत समारोह में चार हस्तियों को डीलिट और डीएससी की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया। इनमें बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और हॉकी खिलाड़ी रूपिंदर पाल सिंह भी शामिल रहे। हालांकि साइना नेहवाल दीक्षांत समारोह में नहीं पहुंचीं। 
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ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी का दसवां दीक्षांत समारोह विश्वविद्यालय परिसर में आयोजित किया गया। मुख्य अतिथि एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धे रहे। समारोह में बैडमिंटन खिलाड़ी साइना नेहवाल और भारतीय हॉकी टीम के अनुभवी ड्रैग फ्लिकर रुपिंदर पाल सिंह को डॉक्टर ऑफ लिटरेचर की मानद उपाधि दी गई।

डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि
इनके साथ ही परमार्थ निकेतन के संस्थापक अध्यक्ष स्वामी चिदानंद सरस्वती और वन विशेषज्ञ डॉ. जगदम्बा प्रसाद चंद्रा को डॉक्टर ऑफ साइंस की मानद उपाधि से अलंकृत किया गया।

कुलपति डॉ. राकेश कुमार शर्मा ने बताया कि इस दीक्षांत समारोह में विश्वविद्यालय से वर्ष 2019 और 2020 में पासआउट होने वाले 5317 छात्र-छात्राओं को उपाधियां प्रदान की गईं हैं। 99 टॉपर्स को गोल्ड मैडल दिए गए हैं। दीक्षांत समारोह में 98 सिल्वर और 91 ब्रॉन्ज मैडल भी दिए गए हैं। इस अवसर पर 32 शोधकर्ताओं को इंजीनियरिंग, मैनेजमेंट और अन्य विषयों में शोध कार्य के लिए पीएचडी की उपाधि भी दी गई।

दोबारा विश्व गुरु बनने की ओर भारत
एआईसीटीई के चेयरमैन डॉ. अनिल डी. सहस्रबुद्धि ने कहा कि पढ़ाई में  गोल्ड मेडल पाने वाले 99 विद्यार्थियों में 61  युवतियों का होना यह दर्शाता है कि भारत में मातृशक्ति जागरूक हो रही है। इसके माध्यम से भारत दोबारा विश्वगुरु बनने की राह पर बढ़ रहा है।उन्होंने युवाओं से देश को आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही देश की सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में योगदान देने का आह्वान किया।
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