प्रदेश में हरिद्वार को छोड़कर अन्य ग्राम और क्षेत्र पंचायतों में प्रशासकों की तैनाती के मसले पर शासन ने तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। अपर सचिव पंचायतीराज युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में गठित समिति प्रशासक की तैनाती संबंधी व्यवस्था का अध्ययन कर पांच दिन के भीतर शासन को रिपोर्ट देगी। समिति गठित होने के बाद पंचायत प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को प्रस्तावित मुख्यमंत्री आवास कूच के कार्यक्रम को स्थगित कर दिया।
प्रदेश की हरिद्वार को छोड़कर अन्य ग्राम एवं क्षेत्र पंचायतों में शासन ने प्रशासक नियुक्त किए हैं। ग्राम पंचायतों में सहायक विकास अधिकारी पंचायत और क्षेत्र पंचायतों में एसडीएम को प्रशासक बनाया गया है। जबकि जिला पंचायतों में निवर्तमान पंचायत अध्यक्षों को प्रशासक नियुक्त किया गया है। जिससे ग्राम और क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों में इस बात को लेकर नाराजगी है। उनका कहना है कि जिला पंचायतों की तर्ज पर उन्हें भी प्रशासक नियुक्त किया जाए।
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मांग को लेकर पंचायत प्रतिनिधियों ने बृहस्पतिवार को सीएम आवास कूच का एलान किया था लेकिन मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश के बाद सचिवालय पंचायतीराज चंद्रेश कुमार एवं पंचायत प्रतिनिधियों की वार्ता हुई। जिसमें सचिव ने प्रशासक की तैनाती संबंधी व्यवस्था के अध्ययन के लिए तीन सदस्यीय समिति गठित कर दी। अपर सचिव युगल किशोर पंत की अध्यक्षता में गठित समिति में निदेशक पंचायतीराज निधि यादव व संयुक्त सचिव पंचायतीराज हिमानी जोशी पेटवाल को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। सचिव चंद्रेश कुमार ने जारी आदेश में कहा कि नौ दिसंबर तक संबंधित प्रकरण पर अपनी स्पष्ट रिपोर्ट देगी।
उम्मीद है, नहीं होगी जनभावनाओं की अनदेखी
पंचायतीराज सचिव से मिलने के बाद ग्राम एवं क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा, उन्हें उम्मीद है कि सरकार जनभावनाओं की अनदेखी नहीं करेगी। जिला पंचायतों की तर्ज पर उन्हें भी प्रशासक नियुक्त किया जाएगा।