बता दें कि भिलंगना ब्लॉक के कुंडी गांव के छह युवकों को निकटवर्ती खवाड़ा गांव निवासी उनके दोस्त राजीव उर्फ रजी (22) पुत्र प्रताप सिंह का शनिवार रात करीब आठ बजे फोन आया था कि जंगल में शिकार करने चलते हैं। इसके बाद संतोष (19) पुत्र दिलीप सिंह, सोबन सिंह (21) पुत्र केशर सिंह, पंकज सिंह (22) पुत्र अब्बल सिंह, अर्जुन सिंह (20) पुत्र नैन सिंह, राहुल (20) पुत्र मोहन सिंह और सुमित (18) पुत्र कुंदन सिंह सभी निवासी ग्राम कुंडी तहसील बालगंगा शिकार करने के लिए गांव से ऊपर जंगल की ओर निकल पड़े।
प्रत्यक्षदर्शी राहुल और सुमित ने बताया कि गांव के ताना नामे तोक में बंदूक के साथ रजी आगे-आगे चल रहा था और उसके पीछे संतोष व अन्य लोग टार्च के सहारे जा रहे थे। अचानक रात करीब 11 बजे रजी का पैर फिसला, उसके कंधे पर रखी बंदूक का ट्रिगर दबा और पीछे चल रहे संतोष की छाती पर लग गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ चल रहे सभी दोस्तों के होश उड़ गए।
बताया कि शव को लेकर वे किसी तरह आरोपी रजी की करीब आधे किमी दूर चौलाह नामे तोक में स्थिति छानी में पहुंचे। वहां आलू व सब्जियों में छिड़काव के लिए रखे कीटनाशक को साथ लेकर सभी थोड़ी ही दूर पर स्थित नीचे की ओर कुंडी गांव के खोली खाल नामे तोक में उत्तम दास की छानी में चले गए। वहां सोबन, पंकज और अर्जुन ने कीटनाशक गटका और रजी ने कहा कि मैं ऊपर अपनी छानी में खाऊंगा और वहां से फरार हो गया। जबकि राहुल और सुमित गांव लौट गए।