जनवरी में एसटीएफ और आर्मी इंटेजीजेंस ने एक गिरोह का पर्दाफाश किया था, जो सेना के फर्जी दस्तावेज तैयार कर लोगों को विदेश भेज रहा था। एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस की संयुक्त जांच में इस बात का खुलासा हुआ है गिरोह में कुछ पूर्व सैन्य अधिकारी और कर्मी भी शामिल हैं।
इसके अलावा कई प्लेसमेंट एजेंसियों का भी खुलासा हुआ है। इनके खिलाफ कार्रवाई के लिए एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस अब इसकी रिपोर्ट राष्ट्रीय एजेंसियों को भेज रही है।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि 20 जनवरी को एसटीएफ ने सेना के फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों को विदेश भेजने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया था और सेना के 90 डिस्चार्ज बुक, 20 मोहरें बरामद की थीं। मामले में गिरोह के तीन सदस्यों रघुवीर सिंह, विक्की थापा व भैरव दत्त को गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद से एसटीएफ और आर्मी इंटेलीजेंस की संयुक्त टीम लगातार मामले की जांच कर रही है।
पता चला है कि काफी लोग फर्जी तरीके से एक्स आर्मी मैन बनकर अफगानिस्तान आदि देशों में गए हैं। जब इनका सत्यापन किया गया तो पता चला कि जिस गिरोह का पर्दाफाश हुआ था, उसकी सहायता कुछ पूर्व सैन्य अफसर और कर्मी कर रहे थे।
उन्होंने बताया कि इसके अलावा भी देश के अन्य प्रदेशों में भी इस प्रकार का प्लेसमेंट एजेंसियों का पता चला है कि जो फर्जी तरीके से लोगों को अफगानिस्तान, दुबई देशों और शिपिंग कंपनियों में भेज रही हैं। बताया कि इस संबंध में राष्ट्रीय जांच एजेंसियों से संपर्क किया जा रहा है। संदिग्ध लोगों और संस्थानों के विरुद्ध एसटीएफ की ओर से रिपोर्ट तैयार संबंधित एजेंसियों को भेजी जा रही है, जिससे कि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।