अंतरराष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (आईयूसीएन) ने धारीदार लकड़बग्घा को दुनिया के संकटग्रस्ट वन्यजीव प्राणियों की श्रेणी-तीन में रखा है। लेकिन इसके संरक्षण के लिए अभी तक कोई खास प्रयास नहीं किए गए हैं। न ही इसकी संख्या का कोई आधिकारिक अनुमान है।
भारत और अफ्रीका के अलावा धारीदार लकड़बग्घा 15 देशों में पाया जाता है। भारत ही नहीं दुनिया में इनकी संख्या में तेजी से गिरावट दर्ज की गई है। कुछ देशों में ये शिकार तो कहीं भोजन की कमी के कारण विलुप्त हो गए। भारत में लकड़बग्घा ज्यादातर राजस्थान, उत्तर प्रदेश और गुजरात के कुछ क्षेत्रों में पाया जाता है। राजाजी राष्ट्रीय उद्यान में हाल ही में नंधौर वन्यजीव अभयारण्य में इसकी उपस्थिति दर्ज की गई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व के पास धारीदार लकड़बग्घे का अभी तक मात्र एक अध्ययन उपलब्ध है, जो चीला रेंज में वर्ष 2010 में किया गया था। अध्ययन से पता चला था कि राजाजी में लकड़बग्घा बेहद सीमित क्षेत्र और संख्या में मौजूद है। अब जो हम अध्ययन करने जा रहे हैं, एक तो इसके क्षेत्रफल का दायरा बहुत बड़ा है। दूसरा इसमें लकड़बग्घा, बाघ और तेंदुओं के बीच के व्यवहार में आए परिवर्तन को भी रेखांकित करने का प्रयास किया जाएगा। इसके लिए हम कैमरा ट्रैप और दूसरे अत्याधुनिक उपकरणों का प्रयोग करेंगे।
- संजीव चतुर्वेदी, मुख्य वन संरक्षक, अनुसंधान