टिकैत ने केंद्रीय कृषि मंत्री के साथ वार्ता के जवाब में कहा कि मंत्री जी कानून वापस न करने की शर्त पर बात करना चाहते हैं जबकि किसान कानून वापस करने और एमएसपी पर गारंटी कानून बनाने की मांग कर रहे हैं। कहा कि अगले साल पांच राज्यों में चुनाव हैं। पांच सितंबर को मुजफ्फरनगर में बैठक कर रणनीति बनाई जाएगी। टिकैत ने कहा कि किसान मांगों पर अडिग हैं और मांगों के लिए 22 जुलाई से रोजाना 200 किसान पार्लियामेंट में जाएंगे।
किसान नेता ने उत्तराखंड सरकार को पर्वतीय युवा एवं किसानों पर नीति बनाने की सलाह दी। कहा कि पर्वतीय राज्य में विलेज टूरिज्म पर काम करना चाहिए। पर्वतीय किसान को ट्रांसपोर्टेशन पर छूट दें। मंडी तक फसल लाने की सुविधा मिले। पलायन को रोकने के लिए काम हो। जंगली जानवरों पर रोक लगाने के लिए ठोस रणनीति बने।
टिकैत ने कहा कि चारधाम यात्रा सुचारु रूप से चलाएं। बाहर से आने वाले टूरिस्ट के खर्च का पैसा दुकानदार, किसान, मजदूरों के हिस्से में आना चाहिए। कहा कि प्रदेश में तराई से युवा सीएम बने हैं। अपने तराई क्षेत्र के सितारगंज की बंद चीनी मिल को खोलें और मिल की क्षमता बढ़ाई जानी चाहिए ताकि मिल चलने से यहां के किसान व युवाओं का भला हो। पहाड़ के नौजवान को बाहर न भेजकर प्रदेश में रोजगार दिया जाए। उन्होंने भू-कानून पर कमेटी बनाकर उसमें किसानों को भी शामिल करने की बात कही।