राज्य में निर्यात को बढ़ावा देने के लिए अभी तक निर्यात नीति को मंजूरी नहीं मिल पाई है। फेडरेशन ऑफ इंडियन एक्सपोर्ट आर्गेनाइजेशन (फियो) के सहयोग से विभाग ने निर्यात नीति का ड्राफ्ट बनाकर मंजूरी के लिए शासन को भेजा गया था। एक माह से अधिक का समय हो गया, लेकिन इस पर कोई फैसला नहीं हुआ है। औद्योगिक संगठन भी सरकार से जल्द निर्यात नीति को लागू करने की मांग कर रहे हैं।
केंद्र सरकार ने निर्यात बढ़ाने के लिए सभी राज्यों को निर्यात नीति बनाने को कहा था। इस पर उद्योग विभाग ने फियो के साथ मिलकर निर्यात नीति का प्रारूप तैयार किया। इस नीति को बेहतर बनाने के लिए औद्योगिक संगठनों की ओर से सुझाव दिए गए थे।
नीति में निर्यात करने में एकीकृत कस्टम डिपो, लॉजिस्टिक समेत अन्य सहूलियतें देने की व्यवस्था की जा रही है लेकिन सरकार से अभी तक निर्यात नीति को मंजूरी नहीं मिली है। प्रदेश से फार्मा, ऑटोमोबाइल, डेयरी उत्पाद, वनस्पति उत्पाद, शहद, खाद्य पदार्थ, खनिज उत्पाद, रसायनिक उत्पाद, प्लास्टिक, रबड़, लकड़ी से बने उत्पाद, कपड़ा, परिवहन संबंधित उत्पाद, रक्षा संबंधी औजार का प्रमुख रूप से निर्यात किया जाता है।
इंडस्ट्री एसोसिएशन उत्तराखंड के अध्यक्ष पंकज गुप्ता का कहना है कि प्रदेश की निर्यात नीति अधर में लटकी हुई है। अभी तक सरकार इस नीति को लागू नहीं कर पाई है।
कोविड काल में 50 प्रतिशत निर्यात
कोविड काल में वर्ष 2020 में अप्रैल से अगस्त तक प्रदेश से 8624 करोड़ का निर्यात किया गया। वर्ष 2019-20 में कुल 16971 करोड़ की तुलना में कोविड काल में 50 प्रतिशत निर्यात किया गया। फार्मा सेक्टर ने वर्ष 2019 में अप्रैल से अगस्त तक कुल निर्यात 479 करोड़ की तुुलना में 639 करोड़ का निर्यात किया है।
वर्ष कुल निर्यात करोड़ में
2015-16 7350
2016-17 6011
2017-18 9389
2018-19 16285
2019-20 16971