समिति की राय पर ही अस्पताल अंगों का प्रत्यारोपण कर सकेंगे। कई लोग जीवित रहते ही देह और अंगदान का शपथपत्र भरते हैं। ब्रेन डेड मरीजों के परिजनों की सहमति पर अंग प्रत्यारोपण किया जाता है। अस्पतालों में ब्रेन डेड मरीज के अंग प्रत्यारोपण का कोई मामला सामने आता है तो पहले एक्सपर्ट कमेटी के सामने इसे पेश किया जाएगा।
परिजनों की स्वेच्छा जताने पर कमेटी राय देगी। इसके बाद अंग प्रत्यारोपण किया जा सकेगा। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. विनीता शाह का कहना है कि शासन की अनुमति के बाद ब्रेन डेड मरीजों के अंगों के प्रत्यारोपण के लिए छह सदस्यीय विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमेटी का गठन किया गया। इसमें चार विशेषज्ञ डॉक्टर निजी अस्पतालों के नामित हैं।