22 दिन में बिजली के 500 पोल मंगवा लिए
बात 2004 की है जब डॉ. इंदिरा हृदयेश के पास संसदीय कार्यमंत्री के अलावा लोनिवि समेत महत्वपूर्ण विभाग थे। पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल बताते हैं कि हल्द्वानी में जनता दरबार में लोगों ने बिजली के पोलों की मांग की। तब उन्होंने अधिकारियों को 500 पोलों की व्यवस्था करने के लिए कहा। अधिकारी के बड़ी संख्या में पोल देने की असमर्थता जताने पर उन्होंने उसी समय देहरादून एमडी को फोन कर 22 दिन में पोल हल्द्वानी पहुंचाने के आदेश दिए। आईएएस भी उनकी कार्यशैली देख ज्यादा बात करने से कतराते थे।
शीला दीक्षित को बुलाया घर
डॉ. इंदिरा हृदयेश के अंदर अपनत्व की भावना भी थीं, इसीलिए प्रदेश ही नहीं, देश का कोई भी नेता हल्द्वानी आता तो इंदिरा दीदी से जरूर मिलता। दिल्ली की मुख्यमंत्री बनने से पहले जब शीला दीक्षित हल्द्वानी आईं तो इंदिरा हृदयेश ने पूर्व पालिकाध्यक्ष हेमंत बगड़वाल को उन्हें लेने काठगोदाम भेजा था। परिवार के सभी सदस्य इंदिरा जी से प्यार करते थे, इसीलिए डरते भी थे। उनके हल्द्वानी में होने पर परिवार साथ बैठकर भोजन करता था। यह उनका आदेश भी था।
पर्यावरण प्रेमी भी थीं इंदिरा
2002 से 2007 के कांग्रेस कार्यकाल में लोनिवि और संसदीय कार्यमंत्री रहीं डॉ. इंदिरा ह्रदयेश ने विदेशी यात्रा के अनुभव के आधार पर 2004 में नैनीताल रोड के दोनों किनारे इतने पेड़ लगाए कि आज यह सड़क पेड़-पौधों के चलते सबसे सुंदर बन गई है।