पंच केदार में द्वितीय मद्महेश्वर धाम में ब्रह्मवाटिका तैयार की जाएगी। साथ ही मंदिर के चारों तरफ विभिन्न प्रजाति के फूल व जड़ी-बूटी का उत्पादन किया जाएगा। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग ने इसके लिए कार्ययोजना तैयार कर दी गई है।
द्वितीय केदार मद्महेश्वर धाम के ऊपरी व निचली तरफ और देवदर्शनी से मंदिर तक बीच के बुग्याल क्षेत्र में ब्रह्मवाटिका की स्थापना की जाएगी। यहां भृंगराज सहित विभिन्न प्रजातियों की पौध भी रोपी जाएगी।
दो-तीन स्थानों पर छोटी-छोटी नर्सरियां भी बनाई जाएगी, जिसमें ब्रह्मकमल सहित अन्य जड़ी-बूटियों की पौध तैयार की जाएगी। प्रभागीय अधिकारियों के अनुसार, द्वितीय केदार में ब्रह्मवाटिका की योजना बनाई गई है। वाटिका के निरीक्षण के लिए यात्राकाल में दो कर्मचारी तैनात रहेंगे। साथ ही शीतकाल में बर्फ से सुरक्षा के लिए बरसाती का उपयोग होगा।
राज्य पुष्प के संरक्षण के लिए द्वितीय केदार में भी वाटिका स्थापित की जाएगी, जिसके लिए प्रारंभिक स्तर पर सभी औपचारिकताएं पूरी कर दी हैं। इस बरसाती सीजन में यहां चरणबद्ध तरीके से पौधों का रोपण किया जाएगा।
- अमित कंवर, डीएफओ, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग, गोपेश्वर/चमोली