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भूगर्भीय गर्म जलस्रोतों से बनाई जाएगी बिजली, उच्च हिमालयी क्षेत्रों में चिह्नित किए गए हैं 40 जलस्रोत

Wed, 21 Oct 2020 01:31 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal अरविंद सिंह, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • तपोवन (जोशीमठ) में पांच मेगावाट के जियो थर्मल एनर्जी पावर प्लांट पर हो रहा काम 
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विस्तार
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उच्च हिमालयी क्षेत्रों में भूगर्भीय गर्म जलस्रोतों से बिजली बनाने की तैयारी है। देहरादून स्थित वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी की ओर से उत्तराखंड में जोशीमठ से आगे तपोवन में पांच मेगावाट का जियो थर्मल एनर्जी पावर प्लांट स्थापित किया जा रहा है। जियोथर्मल एनर्जी पावर प्लांट लगाने में निजी कंपनी की भी मदद ली जा रही है। 

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वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के मुताबिक देश में तमाम ऐसे भूगर्भीय गर्म जलस्रोत हैं, जिनका तापमान 93 डिग्री सेंटीग्रेड तक है। वैज्ञानिकों के मुताबिक इतने अधिक तापमान वाले गर्म जलस्रोतों से बिजली बनाई जा सकती है।

पहले चरण में उत्तराखंड में जोशीमठ के आगे तपोवन में गर्म जलस्रोत को चिह्नित कर जियो थर्मल एनर्जी पावर प्लांट लगाया जाएगा। जिसकी क्षमता पांच मेगावाट होगी। यदि प्रयोग सफल रहा तो इस पावर प्लांट की क्षमता 20 मेगावाट तक बढ़ाई जा सकेगी। इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिक डॉ. एसके राय और डॉ. संदीप तिवारी की अगुवाई में वैज्ञानिकों की टीम इस परियोजना पर काम कर रही है।

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चिह्नित किए गए हैं 40 भूगर्भीय गर्म जलस्रोत

वाडिया इंस्टीट्यूट के वैज्ञानिकों के मुताबिक हिमाचल प्रदेश में मणिकरण नामक स्थान पर एक ऐसा भूगर्भ गर्म जलस्रोत है जिसका तापमान 93 डिग्री सेंटीग्रेड है। वहीं यमुनोत्री उत्तराखंड के यमुनोत्री धाम में स्थित गर्म जलस्रोत का तापमान 81 डिग्री सेंटीग्रेड पाया गया है।

जो अपने आप में बहुत अधिक है। संस्थान के वैज्ञानिकों के मुताबिक इन गर्म जल स्रोतों के पानी में कुछ और अवयव मिलाकर इन के तापमान को 100 डिग्री से अधिक किया जा सकता है, गर्म जल से निकलने वाली भाप के जरिए टरबाइन को संचालित किया जाएगा।

वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. कलाचंद साईं के मुताबिक फिलहाल योजना के पहले चरण में तपोवन में स्थित भूगर्भीय गर्म जलस्रोत पर पावर प्लांट लगाने की योजना बनाई गई है। उत्तराखंड में 40 ऐसे भूगर्भीय गर्म जलस्रोत चिह्नित किए गए हैं जहां जियोथर्मल एनर्जी पावर प्लांट लगाए जा सकते हैं। यदि तपोवन परियोजना सफल रहती है तो इन सभी भूगर्भीय जलस्रोतों पर पावर प्लांट लगाने की योजना पर काम किया जाएगा। 
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सेंटर फॉर जिओ थर्मल रिसर्च स्थापित करने की तैयारी

वाडिया इंस्टीट्यूट के निदेशक डॉ. साईं के मुताबिक भविष्य में जियोथर्मल एनर्जी पर और अधिक वैज्ञानिक शोध किए जा सकें, इसके लिए सेंटर फॉर जिओ थर्मल रिसर्च स्थापित करने की योजना है। इसके अलावा जियो थर्मल ऑब्जर्वेटरी भी लगाने की योजना पर काम किया जाएगा। ताकि पृथ्वी की भूगर्भीय हलचल का भी अध्ययन किया जा सके।

उच्च हिमालई क्षेत्रों में स्थित भूगर्भीय गर्म जलस्रोतों से बिजली बनाने की परियोजना पर काम किया जा रहा है। योजना के पहले चरण में जोशीमठ के आगे तपोवन में पांच मेगावाट का प्लांट लगाने की तैयारी है। यदि परियोजना सफल रहती है तो आने वाले समय में कई अन्य भूगर्भीय गर्म जलस्रोतों पर पावर प्लांट लगाए जा सकते हैं।
- डॉ. कलाचंद साईं, निदेशक वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी
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