राजस्व के मामलों में अब तक की कार्रवाई की जानकारी, डीएम, एडीएम, एसडीएम द्वारा सुनवाई का ऑर्डर और निर्धारित की गई अगली तारीख की जानकारी मिलेगी। सिस्टम के ऑनलाइन हो जाने से वादों की जानकारी में पारदर्शिता आएगी। वहीं, वादियों को इधर-उधर भटकना नहीं पड़ेगा।
एमडीडीए, कलेक्ट्रेट को भी ई-ऑफिस बना चुके हैं डॉ. श्रीवास्तव
जिलाधिकारी डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव की गिनती तकनीक का इस्तेमाल कर सिस्टम को पब्लिक फ्रेंडली बनाने वाले अधिकारियों में की जाती है। इससे पहले एमडीडीए में ई-फाइलिंग और कलेक्ट्रेट में ई-कलेक्ट्रेट सिस्टम लागू कर चुके हैं। जो कि प्रदेश का पहला जिला है। वहीं, सदर तहसील भी ई-तहसील हो चुकी है। इसके अलावा जिले की अन्य तहसीलों को भी ई-तहसील में तब्दील करने की योजना पर भी तेजी से काम चल रहा है।
राजस्व संबंधी मामलों को लेकर कोर्ट के फैसलों को ऑनलाइन करने से लोगों को काफी सहूलियत हो जाएगी। उन्हें बेवजह परेशान नहीं होना पड़ेगा। कोई भी व्यक्ति अपने केस की स्थिति, आदेश की प्रति के साथ अन्य जानकारी प्राप्त कर सकेंगे। अभी इसका ट्रायल होगा, इसके बाद इस व्यवस्था को लागू कर दिया जाएगा।
- डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव, जिलाधिकारी