कारोबारी ने ठग को अपर मुख्य सचिव समझकर रकम जमा कराने के लिए अपने लेखाकार को बैंक में भेज दिया। इसी बीच किसी तरह यह जानकारी अपर मुख्य सचिव को लग गई। उन्होंने कारोबारी को रकम जमा कराने से रोका। अपर मुख्य सचिव आनंद वर्धन ने बताया कि उन्होंने घटना की जानकारी एडीजी लॉ एंड आर्डर समेत हरिद्वार व देहरादून के एसएसपी को दे दी है। प्रारंभिक जांच में खाता सिलीगुड़ी, जबकि मोबाइल नंबर पटना का निकला है। पुलिस जांच कर रही है। वहीं बैंक में सूचना देकर खाते को सीज कराया गया है।
पूरे प्रदेश में करता रहा फोन
ठग ने प्रदेश में कई अफसरों को भी फोन किए। उसने नैनीताल से लेकर पौड़ी तक में अफसरों को फोन कर रुपयों की मांग की। एक बार में बात नहीं बनने पर वह लगातार अफसरों को फोन घुमाता रहा, जिन अधिकारियों को शक हुआ और जिन्होंने उससे कोई सवाल पूछा तो ठग ने फोन काट दिया। वहीं जो लोग क्रास सवाल नहीं पूछ रहे थे उन पर वह रकम देने का दबाव बनाता रहा।