फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उत्तराखंड: डीजीपी ने लगाई अधिकारियों की क्लास, बोले- अपराधियों में कम हो रहा दून पुलिस का खौफ

Mon, 05 Dec 2022 08:54 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं से राजधानी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सरेबाजार छोटी सी बात को लेकर एक युवक पर हमला हुआ। हथियारबंद बदमाशों ने बुजुर्ग अधिवक्ता के घर लूट को अंजाम दिया।
विज्ञापन
डीजीपी अशोक कुमार - फोटो : अमर उजाला फाइल फोटो
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

राजधानी देहरादन की बिगड़ती कानून व्यवस्था से खफा डीजीपी अशोक कुमार ने एसएसपी कार्यालय पहुंचकर दून पुलिस के अधिकारियों की अलग से क्लास लगाई। उन्होंने कहा कि अपराधियों में पुलिस का डर खत्म हो रहा है। इस खौफ को बनाए रखने के लिए सख्ती बढ़ानी पड़ेगी। सख्ती ऐसी हो कि कोई भी अपराध करने से पहले 100 बार पुलिस के बारे में सोचे। बाहर के बदमाश राजधानी में शरण न लेने पाएं और अगर यहां आ भी गए तो बचने न पाएं। 

विज्ञापन


Dehradun: विपिन हत्याकांड में आरोपी की पत्नी भी गिरफ्तार, युवती पर कमेंट से शुरू हुआ था विवाद

दरअसल, बीते कुछ दिनों में हुई घटनाओं से राजधानी की कानून व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। सरेबाजार छोटी सी बात को लेकर एक युवक पर हमला हुआ। हथियारबंद बदमाशों ने बुजुर्ग अधिवक्ता के घर लूट को अंजाम दिया। अगले दिन एक मनचले ने कोचिंग से आती छात्रा पर फायर झोंक दिया। इसके बाद कभी धरना-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा घेरा तोड़ना तो कभी आरोपी को पकड़ने में पुलिस की लापरवाही का मामला सामने आया। ये घटनाएं ऐसी थीं जिनसे लगा कि वाकई अपराधियों के मन से पुलिस का डर खत्म हो गया है। 
विज्ञापन


ऐसे में दून पुलिस को जगाने के लिए खुद डीजीपी अशोक कुमार को आना पड़ा। सोमवार को एसएसपी कार्यालय पहुंचे डीजीपी ने पहले सभी घटनाओं में हो रही कार्रवाई की प्रगति का ब्योरा लिया। इसके बाद पुलिस अधिकारियों को कानून व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सख्ती बढ़ाने के निर्देश दिए। डीजीपी के कहा कि अपराधियों में पुलिस का खौफ रहना चाहिए। इससे पुलिस का इकबाल भी बना रहेगा। उन्होंने कुल छह बिंदुओं पर पुलिस को गंभीरता से काम करने के निर्देश दिए। इनमें यातायात व्यवस्था भी शामिल रही।

फील्ड में दिखें अधिकारी और कर्मचारी  
डीजीपी ने कहा कि जिले के अधिकारियों को ज्यादा से ज्यादा फील्ड में रहना होगा ताकि आपराधिक मानसिकता वाले लोगों में पुलिस का डर बना रहे। इससे स्ट्रीट क्राइम पर रोक लगेगी और भविष्य में कानून व्यवस्था मजबूत रहेगी। सीमाओं पर चौकसी बरती जाए। 

अपराधियों की आर्थिकी पर चोट हो 
पिछले पांच वर्षों में जिन लोगों पर गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई की गई है उनका ब्योरा इकट्ठा करने के निर्देश भी डीजीपी ने दिए। उन्होंने कहा कि इन गैंगस्टर की संपत्तियों को जब्त करने के लिए कार्रवाई करें ताकि उनकी आर्थिकी पर चोट की जा सके। अनैतिक कार्यों से बनाई उनकी संपत्ति हर हाल में जब्त होनी चाहिए। इसके साथ ही ड्रग माफिया की संपत्तियों को भी जब्त करने की कार्रवाई की जाए। 

आंदोलन करने वालों पर मुकदमों तक सीमित न रहा जाए  
डीजीपी ने कहा कि आंदोलन करने वालों पर विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाता है। लेकिन, ये धाराएं गिरफ्तारी वाली नहीं होती हैं। पुलिस केवल मुकदमा दर्ज कर इसे भूल जाती है। लेकिन, पुलिस अधिकारियों को इसका आगे भी फॉलोअप करना चाहिए। कोर्ट से उनके वारंट हासिल किए जाएं ताकि भविष्य में उनमें भी कानून का डर रहे। 

ट्रैफिक जाम कम करने के उपाय किए जाएं 
डीजीपी ने राजधानी में यातायात की समस्या को भी गंभीर विषय माना। उन्होंने कहा कि पुलिस को ऐसे उपाय करने चाहिए कि राजधानी में जाम न लगे। इसके लिए हितधारकों के साथ विस्तृत प्लान तैयार किया जाए। मौजूदा संसाधन में बढ़ोतरी करने के लिए प्रस्ताव बनाकर भेजेें।

सीमाओं पर चौकसी के लिए एक कंपनी पीएसी और मिलेगी 
जिले की सीमाओं पर पीएसी का पहरा रहता है। इसके लिए देहरादून पुलिस को चार कंपनी पीएसी आवंटित की गई है। जिले में फोर्स की कमी को देखते हुए डीजीपी ने जिला पुलिस को एक कंपनी पीएसी और आवंटित करने के निर्देश दिए ताकि सीमाओं पर सघन चेकिंग हो सके। 
विज्ञापन

बीते डेढ़ माह में हुईं बड़ी घटनाएं 
15 अक्तूबर : डोईवाला में मंत्री के भाई के घर सशस्त्र बदमाशों ने डकैती को अंजाम दिया। 
22 अक्तूबर : प्रेमनगर में आपसी रंजिश में युवकों ने एक अन्य युवक पर झोंका फायर।  
22 अक्तूबर : राजपुर में दुकान के सामने लघुशंका करने से रोका तो दुकानदार पर झोंका फायर। 
13 नवंबर : राजपुर में सामने से आई गाड़ी को हटाने को लेकर विवाद, युवक को गोली मारी। 
15 नवंबर : पटेलनगर के मेहूंवाला में दो पक्षों में झगड़ा हुआ, कई राउंड फायरिंग की गई। 
23 नवंबर : शहर कोतवाली क्षेत्र में मामूली विवाद में युवक पर जानलेवा हमला, दो दिसंबर को हुई। 
26 नवंबर : तीन सुपारी किलर ने गुच्चूपानी पिकनिक स्पॉट के पास रिक्शा चालक की हत्या कर दी। 
30 नवंबर : पटेलनगर के कारगी में कोचिंग से आ रही छात्रा पर फायर झोंका, बाल-बाल बची। 
04 दिसंबर : विवाद के चलते प्रेमनगर क्षेत्र में युवक पर धारदार हथियार से हमला। 
04 दिसंबर : सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्रदर्शनकारी राजभवन तक पहुंचे।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें