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Uttarakhand: सैनिक बलिदानियों के आश्रितों को मिलेंगे 50 लाख रुपये, न्याय विभाग की मिली मंजूरी

Tue, 29 Oct 2024 04:30 AM IST
अलका त्यागी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला ब्यूरो, देहरादून

सार

Uttarakhand News: सैनिक बहुल प्रदेश उत्तराखंड से औसतन हर महीने एक सैनिक ने बलिदान दिया है। राज्य गठन के बाद से अब तक पिछले 24 साल में 403 सैनिक बलिदान दे चुके हैं।
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- फोटो : Istock(प्रतीकात्मक तस्वीर)
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विस्तार
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उत्तराखंड के देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिक आश्रितों को सरकार 50 लाख रुपये देगी। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कारगिल विजय दिवस पर की गई घोषणा के तीन महीने बाद न्याय विभाग से मंजूरी मिल गई है। जिसके बाद प्रस्ताव वित्त विभाग को सहमति के लिए भेजा जा रहा है।

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सैनिक बहुल प्रदेश उत्तराखंड से औसतन हर महीने एक सैनिक ने बलिदान दिया है। राज्य गठन के बाद से अब तक पिछले 24 साल में 403 सैनिक बलिदान दे चुके हैं। सरकार देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों को वर्तमान में 10 लाख रुपये अनुदान के रूप में दे रही है। मुख्यमंत्री ने इसे बढ़ाकर 50 लाख रुपये किए जाने की घोषणा की थी। तभी से मामला न्याय विभाग में विचाराधीन था।

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जल्द होगा शासनादेश
देश के लिए बलिदान देने वाले सैनिकों के आश्रितों को 50 लाख रुपये दिए जाने का मामला न्याय विभाग में लंबित होने पर अमर उजाला ने बृहस्पतिवार 24 अक्तूबर 2024 को बलिदानी आश्रितों के लिए ही न्याय विभाग तेज नहीं, अन्य के लिए है शीर्षक खबर प्रकाशित की थी। जिसके बाद न्याय विभाग से अब इसके प्रस्ताव को मंजूरी मिली है।

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उत्तराखंड के इतने सैनिक दे चुके बलिदान
उत्तराखंड के अब तक 1679 सैनिक देश के लिए बलिदान दे चुके हैं। 1962 के भारत-चीन युद्ध में उत्तराखंड के 245 सैनिकों ने अपना बलिदान दिया। 1962 में यह युद्ध 20 अक्तूबर से 20 नवंबर तक चला। जबकि 1971 में भारत-पाकिस्तान के बीच हुए युद्ध में उत्तराखंड के 217 सैनिकों ने अपना बलिदान दिया।

मुख्यमंत्री की बलिदानी सैनिक आश्रितों को 50 लाख रुपये देने की घोषणा के बाद न्याय विभाग से इसके लिए परामर्श मिल चुका है। अब फाइल वित्त विभाग को भेजी जा रही है।
- दीपेंद्र चौधरी, सचिव सैनिक कल्याण
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