ऐसे में दून में सतर्कता बढ़ा दी गई है। दून में 30 बड़े पशु चिकित्सालय और करीब 50 छोटी डिस्पेंसरी को एडवाइजरी जारी की गई है। पशु चिकित्सकों से कहा गया है कि संदेह होने पर ब्लड सैंपलिंग करें और ऋषिकेश प्रयोगशाला भेजें। बता दें कि डोईवाला, रायपुर, सहसपुर व विकासनगर में बड़े पैमाने पर मुर्गी फार्म संचालित हो रहे हैं।
गो आश्रय स्थलों पर कीटनाशक के छिड़काव के निर्देश
सीवीओ विद्यासागर कापड़ी ने बताया कि दून में बर्ड फ्लू का कोई मामला नहीं है। विभाग की ओर से सभी डॉक्टरों को संदेह होने पर सैंपलिंग के निर्देश दिए गए हैं। मुर्गी फार्म और गो आश्रय स्थलों पर कीटनाशक दवाओं के छिड़काव और सफाई रखने के लिए कहा गया है। विभाग पूरी तरह से सतर्क है।