1. बाघ, तेंदुआ, हिम तेंदुआ, जंगली हाथी, भालू, लकड़बग्घा, जंगली सुअर, मगरमच्छ, घड़ियाल, सांप के आक्रमण से घायल, विकलांग या मौत होने पर। इन वन्यजीवों की ओर से पालतू पशुुओं के मारे जाने पर
2. बंदर, जंगली हाथी, जंगली सुअर, नील गाय, काकड़, सांभर, चीतल की ओर से फसल के नुकसान पर
3. जंगली हाथी से मकान के नुकसान पर
फसल नुकसान पर यह मिलेगा मुआवजा
-गन्ना पूरी फसल- 25 हजार रुपये/एकड़
-धान, गेंहू, तिलहन की पूरी फसल- 15 हजार रुपये/एकड़
-अन्य सभी फसले-8000 रुपये/एकड़
यह है फसल के नुकसान की राहत हासिल करने का तरीका
घटना की सूचना दो दिन के अंदर स्थानीय वन अधिकारी को दें। इसके बाद तहसीलदार/पटवारी और वन अधिकारी की ओर से निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार होगी। यह रिपोर्ट सहायक वन्यजीव संरक्षक और वन्य जीव प्रतिपालक को उपलब्ध कराई जाएगी। अंतिम जांच रिपोर्ट देे माह के अंदर-अंदर भेजी जाएगी।
बंदरों से खेती के नुकसान की बात लगातार हो रही है। इस समस्या के समाधान के लिए चार नए बंदरबाड़े भी बनाए जा रहे हैं। राहत राशि को एकसमान रखने के लिए सरकार को प्रस्ताव भी भेजा रहा है।
- जेएस सुहाग, मुख्य वन्यजीव प्रतिपालक