कोविड में अनाथ हुए बच्चों में देहरादून में सबसे अधिक 561 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। जबकि टिहरी गढ़वाल में दूसरे नंबर पर 249, ऊधमसिंह नगर में 242, हरिद्वार में 230, पौड़ी गढ़वाल में 213, नैनीताल में 185, उत्तरकाशी में 120 बच्चे चिन्हित किए गए हैं। इसके अलावा अन्य जिलों में भी इस तरह के कई बच्चे चिन्हित किए गए। डीएम के माध्यम से जिनके सत्यापन की प्रक्रिया चल रही है।
कोविड में अनाथ हुए बच्चों का जिलाधिकारी के माध्यम से सत्यापन करवाया जा रहा है। शुरुआत में 640 बच्चों के सत्यापन का काम पूरा हुआ है। अन्य बच्चों के मामले में जैसे-जैसे इसकी प्रक्रिया पूरी होगी उन्हें भी वात्सल्य मिलेगा।
- हरि चंद्र सेमवाल, सचिव महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास
मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना का आज से शुभारंभ हो गया है। योजना कोविड या अन्य बीमारियों से माता-पिता, संरक्षक की मृत्यु से प्रभावित बच्चों के कल्याण के लिए महत्वाकांक्षी पहल है।
- रेखा आर्य, मंत्री महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास