वर्ष 2005 में रामबाड़ा-केदारनाथ तक साढ़े तीन किमी लंबा रोपवे स्वीकृत किया गया था। उत्तरांचल इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट कंपनी (यूडेक) ने रोपवे निर्माण के लिए सर्वेक्षण कर क्षेत्र का फिजीबिलिटी टेस्ट कराया था। तब, रोपवे निर्माण के लिए 70 करोड़ का प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया था।
सरकार ने इस कार्य को पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मोड में कराने की बात कही थी, जिसके तहत वर्ष 2009 में निविदाएं भी आमंत्रित की गई थी। लेकिन किसी भी कंपनी ने पहल नहीं की।
आपदा के बाद भी प्रदेश स्तर पर तीन बार रोपवे निर्माण की घोषणा हो चुकी है। साथ ही केंद्रीय पर्यटन सचिव द्वारा भी प्रशासन से रोपवे का प्रस्ताव मांगा जा चुका है। लेकिन मामला सर्वेक्षण से आगे नहीं बढ़ पाया है।
चारधाम की यात्रा को सुलभ व सुरक्षित बनाने के लिए रेल लाइन निर्माण के लिए सर्वेक्षण व सीमांकन हो चुका है। साथ ही चारधाम के मंदिरों को रोपवे से जोड़ने की योजना है। टर्मिनल स्टेशन से मंदिरों तक रोपवे बनाया जाना है, इसके लिए जल्द प्रारंभिक स्तर पर सर्वेक्षण कर जरूरी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
- सिद्धार्थ सिंह चौहान, मैनेजर सर्वेक्षण, आरवीएनएल।