शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने कहा कि बंगाली महासभा की पहल पर समाज के माथे पर लगा वर्षों पुराना कलंक राज्य सरकार ने धो दिया है। अध्यादेश जारी होने के बाद बंगाली समाज के छात्रों को मिलने वाली सभी सुविधाएं पूर्व की भांति बहाल रहेंगी। जाति प्रमाण पत्र से पूर्वी पाकिस्तानी या बांग्लादेशी विस्थापित शब्द नहीं लिखा जाएगा।
मंगलवार की शाम शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय हेलीकॉप्टर से दिनेशपुर स्थित स्टेडियम में बनाए हेलीपेड पर पहुंचे। यहां बड़ी संख्या में बंगाली समाज की महिलाओं और पुरुषों ने शिक्षा मंत्री पर पुष्प वर्षा की और फूलमालाएं पहनाकर स्वागत किया। उत्साहित लोग गाजेबाजे के साथ उन्हें सवारिया मार्केट स्थित सभा स्थल तक ले गए। बंगाली महासभा और भाजपा कार्यकर्ताओं ने शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। वक्ताओं ने कहा शिक्षा मंत्री पांडेय ने बंगाली समाज के छात्रों के जाति प्रमाण पत्र में लिखे आ रहे पूर्वी पाकिस्तानी बांग्लादेशी शब्द के मामले का समाधान करने में अहम भूमिका निभाई है।
शिक्षा मंत्री ने कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर बेवजह भ्रामक टिप्पणी कर समाज को गुमराह कर रहे हैं। जाति प्रमाण पत्र में बांग्लादेशी विस्थापित व पूर्व पाकिस्तानी लिखे आने का मुद्दा पूरी तरह से समाप्त हो चुका है। सभा को बंगाली महासभा उत्तराखंड के अध्यक्ष राजकुमार साह, पूर्व सांसद बलराज पासी, महासभा के संरक्षक हिमांशु सरकार, नगर पंचायत की अध्यक्ष सीमा सरकार, भाजपा मंडल अध्यक्ष अनादि मंडल, सुभाष सरकार के के दास, विकास बैरागी, अतुल पांडे ने भी संबोधित किया। संचालन शिशिर तरफदार ने किया।
बंगाली समाज के लोगों ने बांटी मिठाई
भाजपा जिलाध्यक्ष शिव अरोरा के नेतृत्व में ग्राम हरिदासपुर और राधाकांतपुर में कार्यकर्ताओं और बंगाली समाज के लोगों ने मिठाई बांटी। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पूरी कैबिनेट का आभार जताया। जिलाध्यक्ष अरोरा ने कहा कि यह निर्णय ऐतिहासिक है।